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न्यूज़ हेडलाइंस LATEST: Sawai Singh Rajpurohit

14.8.12

श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ में श्रीरामचरितमानस की कथा सुनकर भक्ति में झूमे श्रद्धालु

 ब्रह्मवतार संत श्री 1008 श्री खेतेश्वर महाराज के परम शिष्य श्री ब्रह्मा सावित्री सिद्ध पीठाधीश्वर श्री तुलछाराम महाराज जी का 32वें चातुर्मास व्रत में शुक्रवार को कथावाचक ब्रह्मचारी श्री ध्यानाराम वेदांताचार्यजी महाराज ने श्रीरामचरितमानस पाठ में भगवान श्रीराम की बाल लीला का वर्णन करते हुए कहा कि माता कौशल्या धन्य है जिसके आंगन में स्वयं बाल लीला कर रहे हैं और भगवान पृथ्वी के भार को हरने के लिए श्रीराम ने जन्म लिया है और कथा में उन्होंने कहा कि ऋषि विश्वामित्र राजा दशरथ से यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को लेने आए है राजा दशरथ कहते है की राजा का कर्तव्य होता है कि वह अपनी प्रजा के सुख-दु:ख में भागीदार बने! यही विचार कर अपने प्राणों से प्यारे श्रीराम को विश्वामित्र को सौंप देते हैं!
भगवान राम जी की पुजा करते हु श्री ध्यानाराम महाराज  

                श्री ध्यानाराम महाराज ने बताया कि मनुष्य के चरित्र में काम, क्रोध , लोभ , मोह और अहंकार ये सभी दोष राक्षसवृति के लक्षण है और यह अभिमान मनुष्य को मनुष्य से दूर करते जाता है और मनुष्य के चरित्र के निर्माण में बाधा पहुँचाता है हमारे अंदर जो अज्ञानता है, वह भी एक राक्षसवृति का लक्षण है! विश्वामित्र ने समाज में राक्षसी लक्षणरुपी ताड़का, मारीच व सुबह जैसे राक्षसों का नाश कर, समाज में आत्म ज्ञान की ज्योत अपने साथ लिया! भगवान श्रीराम ने पिता की आज्ञा से विश्वामित्र के साथ चले और ताड़का, सुबाहु को वध कर जन-जन में आत्मज्ञान की ज्योति प्रज्जवलित की और हमें अपने भीतर व्याप्त इस अज्ञानता पर विजय प्राप्त करनीहै तो हमारे भीतर स्वत: ही आत्म ज्ञान की ज्योति प्रज्जवलित होगी! ये ज्योति हमारे भीतर प्रेम, सद्भावना सहयोग की भावना जागृत करेगी और उस से एक अच्चे समाज स्थापित होगी !
शास्त्री श्री सागर भाई 
         भक्त चरित्र कथा में  
           श्री ध्यानाराम महाराज ने सायं ४: बजे से ६ बजे की भक्त चरित्र कथा में श्री राम भक्त में हनुमान के चरित का वर्णन किया गया और साथ में शास्त्री श्री सागर भाई ने हनुमान चालीसा गाया" जय हनुमान ज्ञान गुन सागर जय कपीस तिहुँ लोक उजागर.....में श्री हनुमान भक्ति में श्रद्धालु झूले "

  प्रस्तुतकर्ता :-  
सवाई सिंह राजपुरोहित 
 {सदस्य} 
सुगना फाऊंडेशन-मेघालासिया जोधपुर  
अधिक जानकारी के लिए आप इस पेज पर देखे  
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