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7.12.16

सोनू राजपुरोहित वैज्ञानिक आविष्कार चूल्हे से मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

राजस्थान से एकमात्र बिटिया सोनू राजपुरोहित वैज्ञानिक आविष्कार  चूल्हे से मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान



बीकानेर
जिले की एक छात्रा के मॉडल का चयन राष्ठ्रीय स्तर की विज्ञान, गणित व पर्यावरण प्रदर्शनी 2016 के लिए सामिल किया गया है।

राजस्थान से एकमात्र छात्रा को कर्नाटक के बैंगलूरू में 13 दिसम्बर से शुरू हो रही 43 वीं जवाहर लाल नेहरू नेशनल सांइस, गणित और पर्यावारण प्रदर्शनी 2016 में अपना मॉडल प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रासीसर की पूर्व छात्रा तथा वर्तमान में विलेश्वर आदर्श शिक्षण संस्थान रासीसर  में अध्ययनरत सोनू राजपुरोहित के मल्टीपरपज चूल्हे को राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी के लिए चुना गया है।
मार्गदर्शक शिक्षक संजय कपूर के निर्देशन में तैयार किए गए सोनू राजपुरोहित के मल्टीपरपज चूल्हे को उन सर्वश्रेष्ठ 14 मॉडल्स में शामिल किया गया है जिन्हे आइडिया एक्सचेंज सेशन में प्रदर्शित किया जाएगा।
इस श्रेणी में चुने जाने वाले मॉडल्स को ना केवल प्रदर्शित ही किया जाता है बल्कि मॉडल्स बनाने वाले विद्यार्थी को इस मॉडल की विशेषताओं को अन्य को बताने के लिए 10 मिनट तक समय भी दिया जाता है।
पूरे राजस्थान से इस श्रेणी में ये एक ही मॉडल चयनित हुआ है। 12 साल की सोनू राजपुरोहित ने एेसे मल्टीपरपज चूल्हे का मॉडल तैयार किया है जो साथ सस्ता तो ही इसके साथ ही महिलाओं को धुएं से होने वाली बीमारियों से भी बचाता है।
सोनू राजपुरोहित के मार्गदर्शक संजय कपूर ने बताया कि गांवों में अभी भी  गोबर के उपलों का प्रयोग खाना बनाने के लिए किया जाता है। जिससे पर्यावरण प्रदूषित तो होता है, इसके साथ ही महिलाओं में धुंए से दमा जैसी बीमारी भी फैलता है। उनके लिए बहुत ही उपयोगी होगा।


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