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"संत श्री 1008 श्री खेतेश्वर महाराज" एवं " दुनिया भर में रहने वाले राजपुरोहित समाज को यह वेबसाइट समर्पित है" इसमें आपका स्वागत है और साथ ही इस वेबसाइट में राजपुरोहित समाज की धार्मिक, सांस्‍क्रतिक और सामाजिक न्‍यूज या प्रोग्राम की फोटो और विडियो को यहाँ प्रकाशित की जाएगी ! और मैने सभी राजपुरोहित समाज के लोगो को एकीकृत करने का ऐसा विचार किया है ताकि आप सभी को राजपुरोहित समाज के लोगो को खोजने में सुविधा हो सके! आप भी इसमें शामिल हो सकते हैं तो फिर तैयार हो जाईये! "हमारे किसी भी वेबसाइट पर आपका हमेशा स्वागत है!"
वेबसाइट व्यवस्थापक सवाई सिंह राजपुरोहित-आगरा{सदस्य} सुगना फाऊंडेशन-मेघलासिया जोधपुर 09286464911

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28.2.17

Jodhpur me Dr M P Singh Rajpurohit Ko Kiya Gaya sammanit

सुगना फाउंडेशन मेघलासिया के सहयोजक डॉ मदन प्रताप सिंह राजपुरोहित को सोमवार को आनन्दधाम पीठाधिश्वर योगीराज स्वामी श्री ज्ञान स्वरूपानन्द "आक्रियजी' महाराज ने जोधपुर आश्रम मे सम्मानित किया गया !


27.2.17

संत शिरोमणी श्री बालकदास जी महाराज का जन्म दिवस समारोह

🙏🏻🙏🏻🙏🏻सादर निमंत्रण🙏🏻🙏🏻
💐💐श्री श्री 1008 परम दयालु संत शिरोमणी बालकदास जी महाराज 💐💐
🌿उन्दरा चोराया (वायद) पाली🌿
🌷उपलक्ष्य : 99वा जन्म दिवस समारोह 🌷
✨✨परम दयालु संत श्री का 99वा जन्म दिवस 2/3/2017 को है
1/3/2017 को 🎉🎹रात्री जागरण 2/3/2017 को गुरूवर का 🎂जन्मदिवस संत श्री का स्वागत  सभा व महाप्रसादी का आयोजन रखा गया है॥ ✨✨

सो सर्वधर्मप्रेमी भाविक बंधुओ से निवेदन हे कि 1/3/2017 व 2/3/2017 को पधारे व संत श्री के 🤚🏻आशीर्वाद व दर्शन का लाभ लेवे।

🌴गुरूमहाराज की आज्ञा से🌴
👉🏻इस निमंत्रण को आगे से आगे शेयर जरूर करे व सभी अपने घर परिवार व गाँव मे सुचित करे।
पता  उन्दरा चोराया वायद पाली
गुरूभक्त 
राजपुरोहित


I am Rajpurohit



मैं  राजपुरोहित हूँ।
मुझे व मेरे  राजपुरोहित  समाज को आरक्षण नहीं चाहिए।
क्योंकि ?

1. मैं निकम्मा और कामचोर नहीं हूँ। मुझे अपनी मेहनत और काबलियत पर पूरा भरोसा है ।

2. मेरा कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है और मैं इस बात में विश्वास रखता हूँ कि मैं प्रतिभा के बल पर ही आगे बढ़ना चाहुंगा ।

3. मैं चाहता हूँ की योग्य व्यक्ति को ही आगे बढ़ने का हक है और उसे उसका हक मिलना चाहिए। किसी का हक मार कर उसकी रोटी छीनने में मेरा विश्वास नहीं है।

4. मैं देश की तरक्की में योगदान देना चाहता हूँ। इसलिए देशद्रोहियों की तरह तोड़ फोड़ आगजनी जनहानि करके अपनी नाजायज मांग मनवाने में विश्वास नहीं रखता ।

5. मैं खुद की समझ से काम करने में विश्वास रखता हूँ । मैं ऐसा मुर्ख नहीं हूँ कि कोई भी ऐरा गैरा मुझे धर्म और जाति के नाम पर उकसा दे।

6. मैं आरक्षण को जबरदस्ती मांगी गई भीख से अधिक कुछ नहीं समझता।

7. मैं इस तरह की खैरात लेकर अपने आप को सारी जिंदगी के लिए ना काबिल नहीं बना सकता....


24.2.17

श्री हिरानन्दजी महाराज आश्रम जसोल में नागेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव भव्य रूप से मनाया गया ।

दिनांक 22 फरवरी 2017 को श्री श्री 1008 महंत हिरानन्दजी महाराज सरस्वती आश्रम मनणावास जसोल में नागेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में श्री श्री 1008 श्री तुलछारामजी महाराज गादीपति ब्रह्धाम आसोतरा के सानिध्य में  विराजमान संत महात्माओ और भारत साधु समाज के प्रदेशाअध्यक्ष  श्री निर्मलदासजी महाराज, चेतनानन्दजी डंडाली, पूर्व सरपंच वगतावरसिंह राजपुरोहित सराणा और भजन सम्राट गायक प्रकाश जी माली बालोतरा ,उदयसिंहजी राजपुरोहित फुलासर ,राजू माली,श्याम पालीवाल ,बाल कलाकार पियूष जांगिड़ पाली और भी  कलाकार और  भक्त भाविक मौजूद थे।

इस कार्यक्रम के video के लिए Rajpurohit Samaj India YouTube channel पर जाए

            न्यूज by
श्री थानसिंहराजपुरोहित सराणा
              संगठन मंत्री
गौरक्षा कमांडो फोर्स बालोतरा
मो 7023581008, 09772784159


23.2.17

राजस्थानी अनुवाद पुरस्कार बीकानेर के रवि पुरोहित को

साहित्य अकादमी, दिल्ली के अनुवाद पुरस्कार घोषित
राजस्थानी अनुवाद पुरस्कार बीकानेर के रवि पुरोहित को
  

बीकानेर, साहित्य अकादमी, नई दिल्ली द्वारा दिए जाने वाले अनुवाद पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। दिल्ली अकादमी सचिव के. श्री निवास  द्वारा हमारे संवाददाता को बताया कि  इस बार राजस्थानी भाषा का राष्ट्रीय अनुवाद पुरस्कार बीकानेर के साहित्यकार रवि पुरोहित को पंजाबी के लब्ध प्रतिष्ठ कवि भाई वीर सिंह की काव्य कृति ‘जीओ मेरे सांईयां’ के राजस्थानी अनुवाद ‘जीवो म्हारा सांवरा’ पर घोषित  किया गया है। अकादमी के अनुसार यह चयन डाॅ. शक्तिदान कविया, डाॅ. रमेश मयंक एवं श्री माधव नागदा के तीन सदस्यी निर्णायक  मण्डल द्वारा किया गया। भाषा, साहित्य, संस्कृति, अनुवाद एवं संपादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय अवदान के लिए 30 वर्षो से निरंतर क्रियाशील कवि-कथाकार-संपादक रवि पुरोहित को पुरस्कार स्वरूप पचास हजार रूपये, सम्मान-पत्र और अलंकरण से समादृत किया जाएगा।
  स्ंवेदनशील कवि, प्रखर वक्ता और कुशल संपादक रवि पुरोहित की हाल ही में प्रकाशित राजस्थानी काव्य कृति ‘उतरूं ऊंडै काळजै’ अपनी भाषा, विषय-वैशिष्ट्य और अलहदा  शिल्प के कारण काफी चर्चा में है ।  इसी साल प्रकाशित इस काव्य-कृति का पंजाबी, बांग्ला, गुजराती, हिन्दी, अंग्रेजी और सिंधी में अनुवाद कार्य भी देश के लब्धप्रतिष्ठ अनुवादकों द्वारा किया जा रहा है । गद्य प्रकाशित हिन्दी कहानी संग्रह ‘धुले-धुले चेहरे’ को भी पाठकों का स्नेह मिल रहा  है ।

लोक चेतना की त्रैमासिकी राजस्थली के प्रबंध संपादक और राजस्थान साहित्य अकादमी के सरस्वती सभा के पूर्व सदस्य पुरोहित को इससे पूर्व राजस्थान सरकार द्वारा उत्कृष्ट मौलिक लेखन पुरस्कार, राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर द्वारा भगवान अटलानी युवा लेखन पुरस्कार, राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर द्वारा बावजी चतरसिंहजी अनुवाद पुरस्कार, नगर विकास न्यास, बीकानेर द्वारा मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार एवं पीथळ पद्य पुरस्कार, राजस्थान रत्नाकर नई दिल्ली का प्रतिष्ठित महेन्द्र जाजोदिया राजस्थानी साहित्य पुरस्कार सहित देश-प्रदेश की 100 से अधिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित, पुरस्कृत एवं विभिन्न अलंकरणों और मानद उपाधियों से अलंकृत किया जा चुका है । हिन्दी-राजस्थानी में समान गति एवं अधिकार से लिखने वाले पुरोहित की अब तक विभिन्न विधाओं की 15 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है ।
पुरस्कृत पुस्तक -आधुनिक पंजाबी साहित्य के जनक भाई वीर सिंह की अंतिम काव्य कृहज ‘जीओ मेरे सांईयां’ को 1955 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। इसकी समग्रतः ईश्वर के प्रति समर्पण और सखा-भाव का प्रत्यक्ष प्रस्तुतिकरण चित्रित है। शब्दों और भाव-बिम्बों का अनूठा प्रयोग इन कविताओं को न केवल अर्थ गौरव प्रदान करती है, अपितु समूचे परिदृश्य को संवेदना के स्तर पर पाठक की चेतना का जरूरी हिस्सा बना देती है।                                               
प्रभातखुर्दिया@याहू.को.इन !
सुरेन्द्र प्रभात खुर्दिया। नई दिल्ली ,
9560681342,
मनोवैज्ञानिक पत्रकार और लेखक


राजस्थानी के युवा कवि, अनुवादक, सम्पादक श्री रवि पुरोहित जी को केंद्रीय साहित्य अकादमी का राजस्थानी भाषा अनुवाद पुरस्कार घोषित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ. सुगना फाउंडेशन मेघलासिया परिवार


श्री ध्यानारामजी महाराज के कुटुंब यात्रा के एक वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य आयोजन किया गया ।

गुरु महाराज श्री ध्यानाराम जी महाराज वेदान्ताचार्य के सानिध्य में भव्य कार्यक्रम । कुटुंब यात्रा के एक वर्ष के उपलक्ष्य में रात्रि विश्राम बावडी़ पुरोहितान में  ब्रह्मधाम आसोतरा के गादीपति तुलसारामजी महाराज के शिष्य वेदांताचार्य डॉ. ध्यानारामजी महाराज का बावडी़ पुरोहितान आगमन पर समाज बंधुओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
जय खेतेश्वर दाता री सा


22.2.17

Girdhari Singh Rajpurohit ko Antarrashtriya Award se Sammanit Kiya Gaya.



राजपुरोहित समाज के गौरव और राजस्थान पुलिस के वी.आई.पी. इंटेलिजेंस में मौजूद श्री मान गिरधारी सिंह राजपुरोहित को 20 फरवरी को अमेरिका की व्हाइट हाउस की संस्था ART4PEACE के द्वारा भारत के विभिन्न क्षेत्रो में उत्कृष्ठ कार्य और विश्व शांति (Global Peace) और बहादुरी करने वालो को दिया जाने वाला अवार्ड श्री मान गिरधारी सिंह जी राजपुरोहित को  अमेरिका की रानी मुन्नी आइरोन द्वारा दिल्ली में संविधान भवन में अवार्ड दिया गया और मैडल से सम्मानित किया गए ।ये एक सामान्य आवार्ड नहीं है ये एक अंतरार्ष्ट्रीय आवार्ड है जो श्री मान गिरधारी सिंह को मिला है


19.2.17

राजपुरोहित ब्रह्मपुत्र सेना का पाली जिला स्तरीय विस्तार

राजपुरोहित ब्रह्मपुत्र सेना का जिला स्तरीय विस्तार

राजपुरोहित समाज के राष्ट्र स्तरीय संगठन ब्रह्मपुत्र सेना का जिला व् तहसील स्तर पर विस्तार किया गया जिसमें ब्रह्मपुत्र सेना के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण सिंह राजपुरोहित मांडल , पाली जिलाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह राजपुरोहित एवं अन्य सदस्यों की आपसी  सहमति से  पाली जिला उपाध्यक्ष पर रविंद्र सिंह सैवड राजपुरोहित चाचोडी ,को नियुक्त किया गया   साथ में तहसील स्तर पर विस्तार किया गया जिसमें रानी तहसील प्रभारी आंनद सिंह खरोकड़ा देसूरी तहसील स्तर पर आकाश सिंह नाडोल ,बाली तहसील  स्तर पर गुलाब सिंह बोया , सुमेरपुर तहसील स्तर पर सवाई सिंह आकदरा को नियुक्त किया गया


चुन्नीलाल राजपुरोहित ने कई गाँवो का दौरा ओर ग्रामीणों रुबरु हुए

18 फरवरी के पाली जिला कोंग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य चुन्नीलाल राजपुरोहित  चाड़वास दूसरे दिन भी अपने वार्ड के दौरे पर रहते हुए कई गाँवो में ग्रामीणों रुबरु हुए जिसमे नयागांव में पहुच कर किसानों से मुलाक़ात की और नयागांव तथा आसपास के सभी गाँवो में जीरे की सम्पूर्ण फसल नष्ट हो गयी जिसका मोके पर जाकर मौका मुआवना किया और हालात का जायजा लेकर मोके पर से ही  जिला कलेक्टर महोदय से दूरभाष से बात की और सोमवार को मिलकर कर अतिशीघ्र गिरदावरी करवाई जाने और नष्ट हुई जीरे की फसल का सही आकलन करवाकर पीड़ित किसानों को तुरंत मुआवजा दिये जाने की मांग करने करने को लेकर किसानों भाइयो को आस्वस्त किया तथा पिछले छह माह से बंद पड़े उप स्वास्थ्य केंद्र पर शीघ्र ही जनहित में  चिकित्सा कर्मी की नियुक्ति कर ग्रामीणों को राहत दिए जाने की भी मांग की
उनके साथ में ग्रा से स स के अध्यक्ष लूणा राम, विनोद सिंह ,संत नेताजी,कालूराम सेवदा, कालूराम,कालीराना,नेनाराम,किरता राम,डूंगर राम सेवदा सहित कई ग्रामीण भी मौजूद रहे


17.2.17

समाजहित में Sugana Foundation ने यह वेबसाईट ओर FB पर राजपुरोहित पेज एक तुच्छ प्रयास किया है

सन्त श्री तुलछाराम जी महाराज

                    प्रस्तावना

राजपुरोहित जाति वर्तमान राजस्थान के मारवाड, बीकानेर, जैसलमेंर, किशनगढ, सिरोही, बांसवाडा रियासतों में व मध्यप्रदेश की रतलाम, उज्जैन, सीतामउ रियासतों में तथा उतरी गुजरात के कुछ ईलाकों में काफी समय पूर्व से बसी हुई है। इस जाति का अतीत बहुत गौरवशाली है। प्राचीनकाल में जब राजा महाराजाओं का शासनकाल था तो सर्वश्रेष्ठ व कुलीन वेदपाठी ब्राह्मणों में से राजा महाराजाओं व अन्य शासकों द्वारा अपने राजपुरोहित का चयन किया जाता था। प्रारंभ में राजपुरोहित जाति नहीं होकर एक सर्वश्रेष्ठ व अत्यंत सम्मानित पद था। कालांतर में ब्राह्मणों में से जो जो अलग गौत्रों के राजपुरोहित थे उनमें परस्पर वैवाहिक संबंध होने लगे और बाद में राजपुरोहित का पद वंशानुगत हो गया और राजपुरोहित ने एक जाति का रूप ले लिया। राजपुरोहित राज्य के शासकीय, नैतिक, धार्मिक व न्यायिक क्षैत्रों में शासक का सर्वोच्च सलाहकार था। यहाॅ तक ही नहीं आवश्यकता पडने पर राजपुरोहित ने सैन्य संचालन भी बहुत ही बहादुरी व कुशलतापूर्वक किया। इस प्रकार यह जाति हमेशा जन्म से ब्राह्मण व कर्म से क्षत्रिय रही। शासकों द्वारा राजपुरोहितों को इनके शौर्य एवं वीरता के फलस्वरूप कई जागीरें बख्शी गई व कई तरह के सम्मान भी दिये गये।

राजपुरोहित को अपने नाम के आगे ठाकुर व नाम के पीछे सिंह लगाने का भी अधिकार था एवं जागीरदार कहलाते है। राजपुरोहित परस्पर अभिवादन में जय श्री रघुनाथजी की करते हैं। राजपुरोहित समाज ब्रह्मोत्तर भी कहलाती है। इस जाति में सेवड, सोढा, सियां, जागरवाल, मनणा, दूदावत, मकाणा, उदेश, रायगुर, राजगुरू, रायथला, सांथुआ, गुंदेचा, मुथा आदि लगभग एक सौ से उपर उपजातियां है। इस जाति की सर्वाधिक जनसंख्या वाले जिले क्रमशः बाडमेंर, पाली, जालोर, सिरोही, जोधपुर, बीकानेर व चुरू है।

राजपुरोहित जाति का अतीत अत्यंत गौरवशाली रहा है। वैदिक काल व उतर वैदिक काल में वसिष्ठ, विश्वामित्र, बृहस्पति, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य आदि ऋषियों ने राजपुरोहित पद को सुशोभित किया। परशुराम जी जैसे महान् ऋषि ने इसी जाति में जन्म लिया। महान् संत श्री खेतेश्वरजी दाता, शिक्षा सारथि स्वामी श्री आत्मानंदजी सरस्वती, स्वामी श्री मोहनानंदजी सरस्वती आदि ने इसी जाति में जन्म लेकर इस जाति को गौरवान्वित किया।

आज भी इस जाति में कई महान् संत, महापुरूष, मनीषी व विचारक है। राजपुरोहित जाति के गौरवशाली अतीत को ध्यान में रखते हुये समाज सेवा व समाज सुधार हेतु सुगना फाउंडेशन मेघलासिया ने यह वेबसाईट  ( http://rajpurohitsamaj-s.blogspot.com ) ओर फेसबुक पर राजपुरोहित पेज https://www.facebook.com/rajpurohitpage/
एक तुच्छ प्रयास किया है। समय समय पर आप सभी समाज बंधुओं, विचारकों एवं मनीषियों के सुझाव एवं सहयोग मिलता रहेगा ऐसी आपसे आशा है।

                आपका अपना
  सवाई सिंह राजपुरोहित आगरा
                  सदस्य
सुगना फाउंडेशन मेघलासिया परिवार
Rajpurohit Samaj India WhatsApp No
          09286464911


Sugana Foundation member Rj Narendra ki Book "Love Behind The Radio" launch Ho gai

बहुत ही खुशी की बात है कि सुगना फाउंडेशन के सदस्य ओर भाई Rj नरेन्द्र सिंह की बुक "Love #Behind The #Radio"  पिछले महीने Amazon website पर launch हो गई थी ओर अब बहुत ही जल्दी आपको Railway station ओर Book store पर मिलने लगेगी !

सुगना फाउंडेशन के उपाध्यक्ष श्री एस पी सिंह( उम्मदे) राजपुरोहित ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि "नरेन्द्र बहुत ही अच्छे इंसान हैं और वो सुगना फाउंडेशन परिवार के अहम हिस्सा हैं" साथ ही उनकी किताब  'Love Behind The Radio (लव बिहाइंड थे रेडियो) सफलता ओर उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ

साथ ही साथ आप सभी से एक अपील करते हैं कि आप ये किताब जरूर पढ़ें ओर पोस्ट को शेयर करें

Many many congratulation for ur book and best of luck Rj Narendra...... sawai singh member Sugana Foundation

Abhi book order kare....

Now My Book is available on #Amazon also ...

 http://www.amazon.in/Behind-Radio-Narendra-Neelam-Vinay/dp/9385440322/ref=sr_1_1?ie=UTF8&qid=1487238592&sr=8-1&keywords=love+behind+the+radio 


15.2.17

राजपुरोहित प्रधान ने कलेक्टर से की फरियाद, बायोमेट्रिक से उपस्थिति करवाने की मांग



बाड़मेर
आम तौर पर जनता अपने जनप्रतिनिधियों के पास अपनी समस्याओं की शिकायत लेकर पहुचती है लेकिन मंगलवार को एक अलग ही नजारा जिला मुख्यालय पर देखने को मिला। जिले की सिवाना पंचायत समिति की प्रधान गरिमा राजपुरोहित पंचायत समिति में मुख्य अधिकारी और कर्मिकों की उपस्थिति की अनियमितता के सम्बन्ध में गुहार लेकर जिला कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा से मिली।

जिला कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने बताया कि बीते 2 साल में सिवाना विकास अधिकारी पद पर 10 अधिकारियो का कार्यकाल रहा। बीते 2 साल में विकास अधिकारी और कर्मिकों की उपस्थिति भी अनियमित रही है ऐसे में दूर दराज इलाको से आने वाले ग्रामीणों के काम ठप्प पड़े है। बार बार बदलते अधिकारियो के चलते ना तो सरकार की योजनाओं की सफल क्रियान्विति हो रही है और ना ही सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार हो रहा है। ज्ञापन में बताया की यहाँ काम करने वाले अधिकारी हाजरी और यात्रा रजिस्टर के नियमो की भी पालना कर रहे है। ज्ञापन में सिवाना प्रधान ने जिला कलेक्टर से सिवाना पंचायत समिति में बायोमेट्रिक उपस्थिति शुरू करने की मांग की है।

    दो साल में 10 विकास अधिकारी बदले

जिले की सिवाना वह पंचायत समिति है जिसने बीते 2 सालों में अपने यहाँ 10 विकास अधिकारी देखे है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की यहाँ विकास कितना प्रभावित हो रहा है। जानकारी के मुताबित सिवाना प्रधान गरिमा राजपुरोहित के अब तक के 2 साल के कार्यकाल में जितेंद्र सिंह सांदू, सुरेश व्यास, छगनाराम, रविंद्र प्रकाश आचार्य, इंद्र सिंह राजपुरोहित, छगनाराम, नरपत, अतुल सोलंकी, रोहित कुमार, और फिर अतुल सोलंकी विकास अधिकारी बनाये गए। वर्तमान में भीम सिंह इंदा सिवाना के विकास अधिकारी है। सिवाना प्रधान का कहना है कि बार बार जानबूझ कर किये जा रहे विकास अधिकारियो के तबादलों से विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।


11.2.17

राजपुरोहित युवा प्रतिभा सम्मान समारोह दिल्ली

*राजपुरोहित युवा प्रतिभा सम्मान समारोह*

प्रिय बंधुओं
अंनन्तश्रीविभूषित  ब्रह्मर्षि ब्रह्माचार्य श्री तुलसाराम जी महाराज की सत्प्रेरणा और वेदांताचार्य पूज्य डॉ ध्यानाराम जी महाराज  के सानिध्य में अखिलविश्व राजपुरोहित खेतेश्वर युवा सेवा संघ दिल्ली  के तत्वावधान में राष्ट्रीय राजधानी महानगर में दिनांक १९ फ़रवरी २०१७ को देहली , हरियाणा, उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड राज्यों में निवास/प्रवास कर रहे राजपुरोहित परिवारों के लिए *राजपुरोहित युवा प्रतिभा सम्मान समारोह* आयोजित किया जा रहा है इस समारोह में उपरोक्त पाँच राज्यों के सभी युवा भाई बहन जिन्होंने वर्ष २०१६-२०१७ में विशेष उपलब्धि प्राप्त की हो वे भाग ले सकतें हैं , जिनमें १० वीं एवं १२ वीं राज्य/केंद्रीय बोर्ड परीक्षा  में ८०% से अधिक अंक लाने वाले विधार्थी स्नातक (graduation) एवं स्नातकोत्तर  (post graduation) अंतिम वर्ष (final) में ७०% से अधिक अंक लाने वाले विधार्थी भाग ले सकतें हैं साथ ही ऐसे युवा जिन्होंने २०१६-१७ में राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर पर खेल अथवा अन्य प्रतिस्पर्धा में प्रदर्शन करने वाले एवं ३५ वर्ष से कम आयु के युवा जिन्होंने लेखन , अनुसंधान अथवा तकनीकी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हों भाग ले सकतें हैं , युवा प्रतिभा सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए उपलब्धि प्रमाण पत्र/अंकतालिका प्रतिलिपि के साथ सादे काग़ज़ पर हस्तलिखित आवेदन (आवेदन सादे काग़ज़ पर जिसमें आवेदक का नाम , पिता का नाम , वर्तमान पता , मूल निवास का पता, फ़ोन नम्बर का उल्लेख हो) को स्कैन कर (मोबाइल अथवा कम्प्यूटर द्वारा स्कैन कर/पढ़े जाने योग्य) ईमेल कर सकतें हैं

आयोजक एवं निवेदक: अखिलविश्व राजपुरोहित खेतेश्वर युवा सेवा संघ दिल्ली
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें-

संपर्क :~bkvvgurukul@Gmail.Com , 7023131008



जाने श्री खेताराम जी महाराज ने 12 साल मौन रहकर कहा तपश्या की थी

Rameshwar Rajpurohit
Sant shri kheteshwar ji Maharaj

प्रिय मित्रों,
नमस्कार ।जय रघुनाथ जी री।
आज माघ मास की पूर्णिमा हैं और मैं जहाँ बैठा हूँ वो स्थान जितना साधारण दिखता हैं उतना हैं नहीं।
यह वही स्थान हैं जहाँ हमारे राजपुरोहित समाज के तारण हार ब्रह्म ऋषि श्री श्री 1008 श्री खेताराम जी महाराज ने12 साल(एक युग) मौन रह कर तपश्या की थी।यह तपश्या स्थली समदड़ी स्टेशन से ठीक 1 किलो मीटर पर( श्री खेताराम जी को खेजड़ियो) स्थित हैं जो एक अत्यंत आनंददायी मन को शांति देंने वाला स्थान हैं। गुरु महाराज खेताराम जी अकसर बताया करते थे की ये वीर हनुमान जी का स्थान हैं शायद उनकी प्रेरणा से ही गुरु महाराज मौन तपश्या के लिए यह स्थान चुना।

आपको सुन कर ताज्जुब होगा की हमारा राज पुरोहित समाज आज गुरु महाराज जी की कृपा से बहुत फला फुला व फल फूल रहा हैं बहुत जगह मन्दिर भी हो गए और बहुत जगह हो भी रहे हैं मगर यह जगह गुरु महाराज जैसे छोड़ कर गए वैसे ही आज भी स्थिति हैं।

गुरु महाराज श्री तुलछाराम जी महाराज भी यहाँ बहुत बार पधारे मगर यहाँ इस स्थान का कुछ भी सुधार नहीं हुआ। शायद गुरु महाराज खेताराम जी की यही इच्छा  होगी।
जहाँ गुरु देव खेताराम जी ने अपनी जीवन के महत्व पूर्ण 12 साल बीता कर ब्रह्म ज्ञान प्राप्त किया वो स्थान साधारण कैसे हो सकता हैं।
तो आप सभी का ध्यान आकृष्ट करने के लिये ये चित्र प्रस्तुत कर रहा हूँ

आप सभी से अनुरोध करूँगा कि आप जब भी अशोत्रा धाम आते हैं तो इस तपश्या स्थली भी आकर उस खेजड़िया के दर्शन लाभ अवश्य लें जिसके नीचे बैठ कर गुरु महाराज ध्यान किया करते थे।
ये स्थान समदड़ी स्टेशन से1 किलोमीटर कल्याण पुर रोड़ पर sun rise school के पीछे हैं।
धन्यवाद।
इस पोस्ट के लिए मैं श्री रामेश्वर सिंह राजपुरोहित जी का दिल से आभारी हूँ

   श्री रामेश्वर सिंह राजपुरोहित काफी लोगो कॊ यह जगह मालूम ही नही है जानकारी देने के लिये आपको बहूत बहूत धन्यवाद सा जय दाता री सा

आपका अपना
सवाई सिंह राजपुरोहित आगरा
सदस्य सुगना फाउंडेशन मेघलासिया परिवार


हिंदी में लिखिए अपनी...

रोमन में लिखकर स्पेस दीजिए और थोड़ा सा इंतजार कीजिए .... सुगना फाऊंडेशन-मेघालासिया जैसे :- Ram (स्पेस) = राम
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