भारतीय अभियांत्रिकी सेवा (आईईएस) परीक्षा में फलौदी के गौरव राजपुरोहित ने देशभर की वरीयता सूची में अव्वल स्थान हासिल किया है। संघ लोक सेवा आयोग की ओर मंगलवार को घोषित परिणाम में गौरव ने पहले प्रयास में यह सफलता पाई है। फलौदी निवासी 22 वर्षीय गौरव राजपुरोहित ने 84 फीसदी अंकों के साथ बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। 16 वर्ष की आयु में ही प्रथम प्रयास में उसका आईआईटी में चयन हो गया। आईआईटी, दिल्ली से बी.टेक. (इलेक्ट्रिल इंजीनियरिंग) किया।
गौरव ने सफलता का श्रेय माता व पिता गुमान सिंह राजपुरोहित (सेवानिवृत्त तहसीलदार) व आईआईटी दिल्ली की प्रो. भुवनेश्वरी को दिया है।
गौरव के भाई हरिसिंह राजपुरोहित भी इंजीनियर हैं तथा हाल ही में रेलवे में कनिष्ठ अभियंता के पद पर चयन हुआ है। गौरव का कहना है कि वे किसी भी परिस्थिति में इंजीनियरिंग नहीं छोडऩा चाहते थे इसलिए, उन्होंने प्रशासनिक सेवा की बजाय आईईएस को चुना।
गौरव राजपुरोहित को सुगना फाउंडेशन मेघलासियां की तरफ से हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभ कामनाएं ...... सवाई सिहं सदस्य सुगना फाउंडेशन

Congratulation bhai
ReplyDeleteसमाज का नाम गौरव किया
ReplyDeleteबहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ
समाज के रत्न को शुभकामनाएँ.
ReplyDelete