राजपुरोहित समाज का 11-12 फरवरी को ब्रह्मधाम आसोतरा मे प्रस्तावित समाज के सम्मेलन मे दहेज विषय पर विशेष चर्चा विचारणा कर इस प्रथा के उन्मूलन हेतु एक आम सहमति बनाने का सबसे महत्वपूर्ण पहल की जाएगी आज सभी जरूर पधारे ..... सुगना फाउंडेशन मेघलासिया
6 फरवरी को अहमदाबाद में श्रीमान गणपत सिंह जी पुत्र मूल सिंह जी राजपुरोहित निवासी मुंडारा के सुपुत्र और श्रीमान रंजीत सिंह जी राजपुरोहित भासुन्दा की सुपुत्री का विवाह हुआ!
आप दोनों संबंधि परिवार ने पूरा का पूरा कार्यक्रम अहमदाबाद में व्यसन मुक्त रखा जाजम पर किसी भी प्रकार का व्यसन की वस्तुएं नहीं रखी और नशा मुक्त समाज का शंखनाद किया साथ ही रंजीत सिंहजी भासुन्दा की तरफ से दहेज में अपनी पुत्री को 3100000 (इकत्तिस लाख) रूपय रोकड़ रखे गए लेकिन संबंधी पक्ष श्रीमान गणपत सिंहजी मूल सिंहजी परिवार ने हाथ जोड़कर दहेज की रकम 31 लाख रुपये वापस लौटा दी और यह कहा गया कि एक तरफ ब्रम्हधाम आसोतरा में दहेज का मापदंड तय हो रहा है ! और हम दहेज के पक्षधर नहीं हैं,
मात्र उन्होंने ₹11000 रुपये सुकून के लिए बाकी पूरी राशि भासुन्दा वालो को पुनः दे दी और ₹11000 नकद लेकर के एक दहेज मुक्त शादी और नशामुक्त शादी का जो अच्छा संदेश दिया है राजपुरोहित समाज की तरफ से दोनों परिवार को बहुत-बहुत साधुवाद बहुत-बहुत बधाई!
दुसरा उदाहरण
"आसोतरा सम्मेलन से पहले ही समाज मे नयी पहल गांव किसनासर मे "
अत्यन्त ही प्रसन्नता की बात है कि खुड़ी निवासी लक्ष्मण सिंहजीs/o माल सिंह जी सेवड के पुत्र चि.नरेंद्र जी का शुभ विवाह आज किसनासर निवासी जगदीश सिहजी राजगुर की सुपुत्री सो.का.सरिता के साथ सम्पन्न हुआ ।विवाह की सभा मे जगदीश सिहजी द्वारा थाळी मे 1लाख 25हजार नकद रूपये रखे गए ।समधिप्रवर श्री मान लक्ष्मण सिहजी द्वारा शुकून स्वरूप मात्र 100 रूपया लिया गया लेकिन विशेष आग्रह करने पर 100/-रूपये मात्र लेकर समाज मे एक अनूकरणीय उदाहरण पेश किया।जाजम पर विशाल संख्या मे उपस्थित समाज के समाजबन्धुओ ने दहेज न लेने पर तहेदिल तारीफ की व धन्यवाद दिया । लक्ष्मण सिहजी ने बारात के लिए किए गए विशेष प्रबन्ध व खातिरदारी के लिए सभी का आभार व्यक्त किया ।
तीसरा अनूकरणीय उदाहरण
बीकानेर
श्री डूंगरगढ़ उपखण्ड के तोलियासर में सम्पत सिह पुत्र पदमसिंह जी राजपुरोहित की दो लड़कियों की शादी कल हुई आज विदाई हुई इसमें लडकी के ससुराल उटाम्बर जिला जोधपुर व भैया कला जिला नागौर निवासी वालो ने दहेज के खिलाफ एक नई शुरुआत की केवल 1100 रुपये लेकर इस तरह की रूढीवादी परम्परा को तोड़ दिया और समाज को नई सोच प्रदान की
चौथा अनूकरणीय उदाहरण
"आसोतरा सम्मेलन से पहले ही समाज मे नयी पहल मादा मे "
अत्यन्त ही प्रसन्नता की बात है कि रासीसर निवासी बजरंगसिंहजी पुत्र नवलसिंहजी सेवड के पुत्र चि.आकाशजी का शुभ विवाह आज मादा निवासी दलपतसिहजी पुत्र नारायणसिहजी 'मुंशीजी' गुन्देचा की सुपुत्री सो.का.प्रियंका के साथ सम्पन्न हुआ ।विवाह की सभा मे दलपतसिहजी द्वारा थाळी मे 3लाख 21हजार नकद रूपये रखे गए ।समधिप्रवर श्री मान बजरंगसिहजी द्वारा शुकून स्वरूप मात्र एक रूपया लिया गया लेकिन विशेष आग्रह करने पर 1100/-रूपये मात्र लेकर समाज मे एक अनूकरणीय उदाहरण पेश किया ।जाजम पर विशाल संख्या मे उपस्थित समाज के समाजबन्धुओ ने दहेज न लेने पर तहेदिल तारीफ की व धन्यवाद दिया ।
बजरंगसिहजी ने बारात के लिए किए गए विशेष प्रबन्ध व खातिरदारी के लिए सभी का आभार व्यक्त किया ।
जानकारी भेज वाले श्री सुमेर सिंह राजपुरोहित कानाना


हर अच्छी की शुरुआत अपने घर से होगी तब घर सुधरेगा, फिर परिवार, फिर गांव फिर समाज।
ReplyDeleteसब बधाई के पात्र है।। जय खेतेश्वर
I am agree with you hukum
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