फागोत्सव में पूरे गांव को भंडारा करवाते थे देवेंद्र और रमेश राजपुरोहित दोनों भाई, आज घर से अर्थियां भी साथ उठी
आणंद के पास हादसा : बड़ा भाई रमेश चला रहा था कार, सैवंत्रीमें भगवान रूपनारायण मंदिर के 80 वर्षीय पुजारी छगनलाल राजपुरोहित के परिवार पर शुक्रवार की रात और शनिवार की सुबह कहर बनकर टूटी। करीब सात घंटे में दो हादसों ने छगनलाल के बेटे देवेंद्र और रमेश की जान लील ली। कुदरत का कहर देखिये, दोनों सैवंत्री में ही साथ पले और साथ पढ़े थे। हर साल फागोत्सव में पुजारी परिवार भक्तों के लिए भंडारा करवाता है, इसमें दोनों भाई भक्तों की सेवा करते थे। अब दोनों की अर्थियां भी रविवार सुबह घर से साथ निकलेगी और एक ही चिता पर अंतिम संस्कार होगा। पिता छगनलाल और मां सहित पूरे परिवार को शाम तक इसका पता चलने नहीं दिया कि उनके दोनों बेटे इस दुनिया में नहीं रहे हैं। हादसे से सैवंत्री में मातम छाया रहा। दोनों के शव रविवार सुबह साथ घर लाए जाएंगे।
पुलिस के अनुसार सैवंत्री निवासी देवेन्द्र कुमार (40) राजपुरोहित शुक्रवार रात को उदयपुर-गोमती फोरलेन पर कितेला में अपनी होटल से फॉरच्यून कार में घर के निकला था। रास्ते में जयपुर की तरफ से आते ट्रोले की टक्कर से मौत हो गई। उसका बड़ा भाई रमेश (45) और छोटा भाई प्रकाश मुंबई के भायंदर में केटरिंग और कांट्रेक्ट का काम करते हैं। देवेंद्र की मौत की सूचना पर इनके साथ उदयपुर निवासी बिजनेस पार्टनर प्रकाश (35) सहित कुछ लोग रात को ही कार में सैवंत्री के लिए रवाना हो गए। आणंद के पास ट्रक की टक्कर से देवेंद्र के बड़े भाई रमेश और प्रकाश की भी मौत हो गई। इस कारण छोटे भाई का अंतिम संस्कार भी टाल दिया गया। आणंद में हुए हादसे में देवेंद्र का छोटा भाई प्रकाश और मामा उमरवास निवासी मोड़ीलाल गम्भीर घायल हो गए।रमेश मुंबई में 20 साल से केटरिंग का काम करता था। भवन निर्माण का कांट्रेक्ट भी लेता था। रमेश की प|ी, तीन बेटियां भी मुंबई ही रहते हैं। छोटे भाई प्रकाश की प|ी, बच्चे परिवार के साथ सैवंत्री में रहते हैं।
आणंद. अहमदाबाद-वडोदराएक्सप्रेस हाइवे पर शनिवार सुबह सड़क हादसे में दो जनों की मौत हो गई जबकि छह घायल हो गए। मृतकों की पहचान रमेश पुत्र छगनभाई (45), प्रकाश (35) के रूप में हुई है। रमेश छोटे भाई देवेन्द्र कुमार (40) के अंतिम संस्कार के लिए कार से परिवार सहित भायंदर-महाराष्ट्र से राजसमंद के सैवंत्री जा रहे थे। हादसा कार से रमेश का नियंत्रण खो जाने से हुआ। प्रकाश और रमेश सेरामिक के बिजनेस पार्टनर थे। भायंदर में साथ रह कर व्यापार करते थे। पार्टनर रमेश के भाई की मौत की खबर मिलने पर वह रमेश के साथ कार से रवाना हुए थे।
होली पर पूरे गांव का भंडारा करता है परिवार
छगन लाल राजपुरोहित का परिवार हर साल होली के बाद शुरू होने वाले फागोत्सव पर पूरे सैवंत्री गांव और बाहर से आने दर्शनार्थियों के लिए भंडारा करते हैं। रमेश और देवेंद्र इसमें लोगों को भोजन करवाते और बाहर से आने वाले भक्तों की सेवा भी करते थे। इनके परिवार का रूपनारायण मंदिर में ओसरे के अनुसार पूजा का क्रम आता है।
बुजुर्ग माता-पिता के सहारा छिन गए, तीसरा बेटा भी गंभीर घायल कुदरत के इस कहर ने एक ही रात में दो हादसों में बुजुर्ग छगनलाल और उनके प|ी मूलदेवी से दो जवान बेटों का सहारा छिन लिया। हादसे में तीसरे बेटे को भी गंभीर चोटें लगी हैं। मां-पिता सहित दोनों की प|ी और बेटे-बेटियों को शाम तक हादसे की सूचना नहीं दी गई। परिवार वालों को इतना ही कहा है कि देवेंद्र हादसे में घायल हो गया और उसका उपचार चल रहा है। सैवंत्री गांव में भाइयों की मौत से गमगीन माहौल है। गांव में सन्नाटा पसरा रहा। रमेश का शव लेकर रिश्तेदार शनिवार रात को अहमदाबाद से सैवंत्री के लिए रवाना हुए। देवेंद्र का शव चारभुजा सीएचसी के मुर्दाघर में रखवाया है।
जलझूलनीमेले में आया था
रमेश मिलन सार रमेश सैवंत्री के साथ चारभुजा में होने वाले हर धार्मिक कार्यक्रम में शरीक होने आता था। फागोत्सव पर अमावस्या पर परिवार की ओर से भंडारे में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। इसके बाद चारभुजा जलझूलनी मेले में भी शामिल हुए थे।
अत्यन्त दुखद समाचार
परम-पिता परमात्मा से प्रार्थना है कि,उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। एवं उनके परिवारीजनों को धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करे
भगवान ऐसी हृदय विदारक घड़ी किसी परिवार को ना दे ..... सुगना फाउंडेशन 😔
ॐ शांति 🙏
Dainikbhaskar.com
News send by Arun Upadhyay Mumbai parvasi Sandesh



No comments:
Post a Comment
यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो फालोवर(Join this site)अवश्य बने. साथ ही अपने सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ. यहां तक आने के लिये सधन्यवाद.... आपका सवाई सिंह 9286464911