16.4.18

भगवान श्री परशुरामज जयंती महोत्सव एवं स्नेह मिलन समारोह,

महापुरुषों द्वारा बताए गए नियमों पर चले:-महन्त


  
      समदड़ी में आयोजित अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के तत्वाधान में आज स्थानीय श्रीमाली न्याति भवन ब्रह्मपुरी में भगवान श्री परशुरामज जयंती महोत्सव एवं स्नेह मिलन समारोह, पूर्व जॉन डायरेक्टर डा.गोपीकिशनजी व्यास की अध्यक्षता व पंचवटी आश्रम समदड़ी के गादीपति श्री कृष्णानन्दपूरीजी महाराज, व महंत श्री निर्मलदासजी महाराज के पावन सानिध्य में दोपहर अभिजिति मुहूर्त में दीपमन्त्र व स्वस्ति वाचन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ।भगवान श्री परशुरामजी के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया।

   महंत श्री निर्मलदासजी महाराज  ने कहा कि भगवान परशुराम ने समाज के हितों के लिए जो कार्य किये थे, उससे यही संदेश जा रहा है कि वे केवल ब्राह्मणों के ही नहीं अपितु सर्व समाज का भला चाहते थे। इसलिए उन्होंने संतों व हिन्दू समाज के लिए आसुरी शक्तियों संहार करने का काम किया। बुराई भले ही कितनी बड़ी हो अंत में अच्छाई की ही जीत होती है। इसलिए आज के दौर में भी हम सबको मिलकर ऐसे प्रयास करने होंगे, जिससे समाज में फैली कुरीतिया दूर हो सकें।
     कांग्रेस कमेठी के ज़िला सचिव मुक़नसिंह राजपूरोहित ने कहा की भगवान श्री परशुरामजी के जीवन का एकमात्र ध्येय था मातृभूमि का उपचार करना। उन्होंने अपने फरसे के प्रहार से पापियों का नाश किया और 21 बार आतताइयों से धरती को मुक्त करवाया।
   इस दौरान मंच पर बिराजित अथिति श्री किशोरसिंहजी घेवड़ा,श्री बाबुसिंहजी सिलोर,श्रीमती विजयलक्ष्मी जी राजपुरोहित,
     इस मौके पर पंडित अनु महाराज ने भी भगवान परशुराम के जीवनी पर प्रकाश डाला। इस दौरान बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग मौजुद रहे।
मंच संचालन प्रदीपजी व्यास ने किया।


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