आप सभी समाज बंधुओ को जय गुरुदेव री जय श्री रघुनाथ जी सा
संतों की छवि और हमारी जिम्मेदारी ( AI जनित भ्रामक तस्वीरों का बहिष्कार करे )
आज के डिजिटल युग में जहाँ सोशल मीडिया हमें अपने पूजनीय संतों के विचारों और स्मृतियों से जोड़े रखने का एक बेहतरीन माध्यम है।
वहीं दूसरी ओर कुछ तकनीकों का दुरुपयोग हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहा है। पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर परम पूज्य श्री श्री ब्रह्माचार्य ब्रह्मऋषि सदगुरुदेव महाराज की कई ऐसी तस्वीरें साझा की जा रही हैं, जो वास्तविक नहीं हैं, बल्कि AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता/ Artificial Intelligence) द्वारा बनाई गई हैं।
यह विषय अत्यंत गंभीर है, और इस पर हम सभी भक्तों व अनुयायियों को तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। दाता की गरिमा सर्वोपरि है।
श्री श्री ब्रह्मऋषि सदगुरुदेव तुलसाराम जी महाराज कोई साधारण व्यक्तित्व नहीं हैं; वे हमारी अगाध श्रद्धा, त्याग और #आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक हैं। उनके वास्तविक स्वरूप में जो तेज, सौम्यता और दिव्यता है, उसे कोई भी कंप्यूटर प्रोग्राम या AI तकनीक कभी नहीं छू सकती। AI द्वारा बनाई गई काल्पनिक तस्वीरें न केवल उनके वास्तविक स्वरूप को बिगाड़ती हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के सामने भी उनका एक गलत चित्र प्रस्तुत करती हैं। इससे हमारे पूजनीय दाता की गरिमा और इतिहास प्रभावित होता है।
सिर्फ वास्तविक और प्रामाणिक फोटो को ही महत्व दें
हमारा यह कर्तव्य है कि हम केवल उन्हीं सोशल मीडिया पेजों, प्रोफाइल्स या ग्रुप्स को सपोर्ट करें और फॉलो करें जो:
दाता श्री की प्रामाणिक और ऐतिहासिक वास्तविक तस्वीरों को ही शेयर करते हैं। श्री ब्रह्मधाम तीर्थ या आधिकारिक स्रोतों द्वारा सत्यापित की गई पुरानी और असली यादों को सहेजते हैं।
लाइक्स, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए तकनीक का सहारा लेकर संतों के स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं करते।
AI फोटो शेयर करने वाले प्लेटफॉर्म्स को तुरंत अनफॉलो करें
भ्रम और मिलावट को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका 'असहयोग' है। यदि कोई भी सोशल मीडिया अकाउंट (चाहे वह फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब या व्हाट्सएप ग्रुप हो) लाइक बटोरने के लिए श्री सदगुरुदेव महाराज की AI द्वारा निर्मित, एनिमेटेड या अत्यधिक एडिटेड फोटो पोस्ट करता है, तो
उन्हें तुरंत अनफॉलो (Unfollow) करें. ऐसे पेजों को अपनी फीड से हटा दें।
अभी हाल मे ही कुछ लोगो द्वारा सदगुरुदेव महाराज की वृन्दावन धाम के श्री प्रेमानंदजी महाराज के साथ पीले कलर के वस्त्रो मे तस्वीर वाइरल करी है जो गुरु महाराज की परम्परा के विरुद्ध है। सदगुरुदेव महाराज के स्वेत घोड़े स्वेत वस्त्र के पीछे का बहुत बड़ा इतिहास है।
शेयर करना बंद करें: ऐसी तस्वीरों को भूलकर भी आगे फॉरवर्ड न करें, क्योंकि आपका एक शेयर इस भ्रम को और बढ़ाता है।
सद्भावनापूर्वक समझाएं: यदि कोई भक्त अनजाने में ऐसा कर रहा है, तो उन्हें कमेंट या मैसेज के जरिए प्यार से समझाएं कि वे वास्तविक फोटो का ही उपयोग करें।
हमारा संकल्प: हम तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अपनी आस्था और गुरुदेव के स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की कलात्मक मिलावट हमें स्वीकार नहीं है। हमे मिलकर यह संकल्प लेना है कि हम सोशल मीडिया पर केवल सत्य और वास्तविकता का ही साथ देंगे, ताकि हमारे दाता श्री ब्रह्मऋषि सदगुरुदेव की पावन गरिमा हमेशा अक्षुण्ण बनी रहे।
इस संदेश को अधिक से अधिक भक्तों तक पहुंचाएं ताकि जागरूकता फैले।
धन्यवाद।
आपका अपना अभय सिंह जसोल




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