न्यूज़ हेडलाइंस Post

सभी बंधुओं को जय श्री रघुनाथजी री सा, जय श्री खेतेश्वर दाता री सा.. अगर आप भी समाज से जुड़ी कोई न्यूज़ हम तक पहुंचाना चाहता है तो हमारे व्हाट्सएप नंबर पर हमसे संपर्क कर सकते हैं हमारा व्हाट्सएप नंबर है 9286464911 सवाई सिंह राजपुरोहित मीडिया प्रभारी सुगना फाउंडेशन मेघलासिया

Followers

यह ब्लॉग समर्पित है!






"संत श्री 1008 श्री खेतेश्वर महाराज" एवं " दुनिया भर में रहने वाले राजपुरोहित समाज को यह वेबसाइट समर्पित है" इसमें आपका स्वागत है और साथ ही इस वेबसाइट में राजपुरोहित समाज की धार्मिक, सांस्‍क्रतिक और सामाजिक न्‍यूज या प्रोग्राम की फोटो और विडियो को यहाँ प्रकाशित की जाएगी ! और मैने सभी राजपुरोहित समाज के लोगो को एकीकृत करने का ऐसा विचार किया है ताकि आप सभी को राजपुरोहित समाज के लोगो को खोजने में सुविधा हो सके!

आप भी इसमें शामिल हो सकते हैं तो फिर तैयार हो जाईये!

"हमारे किसी भी वेबसाइट पर आपका हमेशा स्वागत है!"

वेबसाइट व्यवस्थापक
सवाई सिंह राजपुरोहित-आगरा{मिडिया प्रभारी }
सुगना फाऊंडेशन-मेघलासिया जोधपुर & आरोग्यश्री मेला समिति
09286464911

मेरे साथ फेसबुक से जुडिए

Showing posts with label गांव की जानकारी. Show all posts
Showing posts with label गांव की जानकारी. Show all posts

2.11.25

डंडाली गांव में गौरवशाली पहल: मुख्य चौराहा अब 'श्री खेतेश्वर सर्कल' के नाम से जाना जाएगा।

 राजस्थान के बालोतरा जिले के डंडाली गांव के लिए गौरव और श्रद्धा से भरा रहा, जहाँ गांव के मुख्य और व्यस्ततम चौराहे का नामकरण 'श्री खेतेश्वर सर्कल' के रूप में किया गया। यह चौराहा बालोतरा, सिणधरी, बाड़मेर और बायतु की ओर जाने वाले मार्गों को जोड़ता है, जिससे यह क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु बन गया है।
​ युवा शक्ति का रहा ऐतिहासिक सहयोग
​यह ऐतिहासिक नामकरण समारोह मुख्य रूप से समस्त युवा शक्ति डंडाली के अथक प्रयासों और सहयोग से संभव हुआ। युवाओं ने मिलकर समाज के प्रेरणास्रोत और पूज्यनीय ब्रह्मऋषि श्रीश्री 1008 श्री खेतेश्वर महाराज के नाम पर इस सर्कल का नाम रखने का संकल्प लिया था, जिसे गांव के बुजुर्गों और प्रतिष्ठित नागरिकों का भी पूर्ण समर्थन मिला।

​ यातायात का महत्वपूर्ण
​डंडाली का यह चार रास्ता यातायात की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। अब 'श्री खेतेश्वर सर्कल' के रूप में जाना जाने वाला यह चौराहा न केवल यात्रियों को दिशा देगा, इस पहल से आने वाली पीढ़ियों को भी श्री श्री 1008 श्री खेतेश्वर महाराज के आदर्शों और शिक्षाओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।

​ उत्साहपूर्ण रहा कार्यक्रम
​नामकरण समारोह के दौरान ग्रामीण उपस्थित रहे। युवाओं के साथ-साथ गणमान्य नागरिकों ने भी श्री खेतेश्वर सर्कल के नामकरण पर खुशी व्यक्त की और इस कदम को सामाजिक सद्भाव की दिशा में उठाया गया एक सकारात्मक कदम बताया। गांव वासियों ने इस पहल के लिए युवा शक्ति को साधुवाद दिया।

30.6.25

राजगुरूओ के गाँव गौत्र और जिले

मैं बलवन्त सिंह राजगुरू राजपुरोहित कोलासर कि और से सभी राजपुरोहित जागीरदारों को "जय श्री रघुनाथ जी री सा" हुकुम मैं आज आप सभी को राजगुरू राजपुरोहित जागीरदारो के गाँवो के बारे मैं बता रहा हुँ सा । हाँ एसा हो सकता कोई गाँव भुल से छुट जाये या एसा भी हो सकता हैं कि किसी गाँव का नाम में गलती भी हो सकती हैं
तो कृपया नाराजगी ना जताये बल्कि उस गलती से अवगत कराये ।

1 - राजगुरू - सभी राजगुरू अजारी से निकले है । जिन - जिन को ग्राम स्थान मिले उसके पीछे इनके पुर्वजो कि शोर्यशाली गाथांए रही है । उन
सभी को दर्शाना चाहें तो एक मात्र राजगुरू गौत्र पर ही एक ग्रंथ तैयार हो सकता है । इस लिए हम यहाँ सिर्फ राजगुरूओ के गाँव गौत्र और जिले
ही दर्शायेंगे । 
1 जालौर - रानीवाङा तहसील 1
डूंगरी - राजगर
2 गोलवाडा - सटीयातर राजगर
3 - सेवाडीया - सटीयातर+ हिंडवाडीया 4
रानीवाङा खुर्द - सटीयातर + पंड्या 5 - जैतपुर -
सटीयातर 6 - सेवदा - सटीयातर
7 - करडा - सटीयातर
8 - चितरूडी - पादरेसा
तहसील - भीनमाल
9 - पूनासा - राजगर
10 - भीनमाल - राजगर
11 - नासोली - राजगर
12 - धसैडी - राजगर
13 - सलतरा - राजगर
तहसील सांचौर
14 - सांचौर - राजगर + पंड्या + औझा 15 -
भावतङा - राजगुरू
16 - तांपी - राजगुरू +वीरपुरा + राजगर 17 - रतैङा -
राजगर
18 - जान्वी - फोणरीया
19 - आंबली - राजगर + पंड्या + औझा 20 -
हिंडवाडा - राजगर
21 - चितलवाना - राजगर + वीरपुरा 22 - कैरीया -
वीरपुरा + राजगर
23 - रणौधर - राजगुरू
24 - हैमागुडा - पंड्या ( राजगुरू ) 25 - सिवाङा -
राजगुरू
26 - झोटडा - राजगुरू
27 - देवङा - राजगुरू
28 - धमाना - राजगुरू + पंड्या
( राजगुरू )
29 - धुंम्बडीया - राजगुरू
30 - तात्रा - राजगुरू + पंड्या 31 अन्खोल -
पंड्या ( राजगुरू ) 32 - भाडवाल - पाडे ( पंड्या )
जनश्रुतियों के भहुमत के आधार पर कि पंड्या राजगुरू
ही है । इसीलिए हमने बुजुर्गों को मान्यता दी ( राव
भी इसकि पुष्टि करते है ।) इन्ही के द्वारा स्वीकार
किया गया है । कि इनका गाँव लुणावास के पास
जो स्थित है । एंव मूल में राजगुरू ही है । 33 - जोधावास
- औझा
34 - दैवङा - राजगर
35 - भदरूना - राजगर
36 - गोलासना - पंड्या सरकार
( पंड्या के आगे सरकार कैसे
लगा इसकि जानकारी नहीं हैं इसके लिए
माफि चाहुंगा )
37 - धुदवा - पोडे ( पंड्या राजगर ) 38 - मैदा -
पंड्या 39 - सुथडी - राजगर
40 - जोरदर - राजगर
41 - मैलावास - पंड्या
42 - सरवणा - पंड्या
43 - जयसला - पंड्या
सायला पंचायत समिति
44 - बवतरा - राजगर
45 - सुराना - राजगर
46 - टीलौडा - राजगर
47 - चौराउ - राजगर
जालौर पंचायत समिति
48 - बाकरा - मदपङ + बोहरा
49 - रायपुरीया - मदपङ
50 - डूडसी - वोरा
51 - समुजा - राजगर
आहौर पंचायत समिति
52 - भवरानि - राजगर
53 - गोविंदला - बोहरा
54 - नीलकंठ - बोहरा
55 - छीपरवाडा - बोहरा
56 - थानवाला - बोहरा ( राजगुरू ) 57 - पावटा -
राजगर
58 - गुडा बालोतरान - राजगुरू
59 - आगवाङी - राजगुरू
60 - रोडला - राजगुरू
61 - मूलेवा - बोहरा
62 - ओडवाङा - राजगर
जसवंतपुरा पंचायत समिति
63 गोलना - राजगर
जिनके आगे राजगर/राजगुरू नहीं लिखा है वो सब के सब
राजगर ही बोलते हैं पर हैं तो राजगुरू ही पर भाषा में
फर्क होने से राजगर बोलने लग गये। इसलिए
उनकि बोली में ही दर्शाया हैं । इसमें कई जगह +
का निशान लगा कर आगे दूसरी राजगुरू
जाती लिखी हैं उसका उस जगह एक से ज्यादा राजगुरू
जातीयाँ है ।
जिला सिरोही
सिरोही पंचायत समिति
64 - जवल - मदपङ ( राजगर )
65 - मनोरा - सनपुरा
66 - चाडुआल - आमैटीया
67 - फुंगणी - सनपुरा
68 - सनपुर - सनपुरा ( इसी गाँव के नाम पर
सनपुरा जाती का नाम
पङा )
69 - बरलूट - मदपङ
70 - आम्बलारी - सनपुरा
71 - बावली - मदपङ
रेवदर पंचायत समिति
72 - धान - राजगर
73 - निम्बज - कोठारीया
74 - सेलवाडा - राजगर
75 - पैंतीसरा - राजगर
76- वान - राजगर
77 सिरोडी - राजगर
78 - सनवाडा - राजगर
79 - असावा - राजगर
80 - धंधपुर - राजगर
पिंडवाडा पंचायत समिति
81 - भार्जा - राजगर
82 - उदारा - मदपङ
83 - अजारी - राजगर ( यह वही अजारी है
जहाँ राजगुरू कि उत्पत्ति हुई थी यहीं पर
इनकि कूलदेवी माँ सरस्वती का भव्य मन्दिर है , और
यहीं पर संसार कि पहली सति हुई है वो भी राजगुरू थे ।
अजारी के राजगुरूओ को छोङ और राजगुरू
यहाँ का पानी नही पीते 84 - कोतल - मदपङ + राजगर
85 - आर्दश डूंगरी - राजगर
86 - पिंडवाडा - राजगर
आबू रोङ पंचायत समिति
87 - और - राजगर
88 - खादत - राजगर
शिवगंज पंचायत समिति
89 - कैलाश नगर - राजगर ( मदपङ )
90 - मनदार - वोरा ( राजगर )
जिला बाडमैर
गुडामालानी पंचायत समिति
91 - जालिखाडा - राजगुरू
92 - भैलावा - राजगुरू
93 - बन्ता - राजगुरू
94 पाडा - राजगुरू
95 - उधाडी - राजगुरू
96 - पोयला काला - राजगुरू
97 - पादर्ली - राजगुरू
98 - पीपराली रोली - राजगुरू
99 - पायला खुर्द - राजगुरू
100 - सिन्धरी - राजगुरू ( भंवरीया ) 101 - धन्वा -
राजगुरू
बाडमैर पंचायत समिति
102 - बालैरा - राजगुरू
103 - गैन्हु - राजगुरू
104 - लांगैरा - राजगुरू
105 - रड्वा - राजगुरू
106 - कनौङ - राजगुरू
( भंवरीया )
107 - महाबार - भंवरीया
( राजगुरू )
तहसील सीवाना
108 - गुडानाल - राजगुरू
109 - लुडराडा - राजगुरू
110 - पादरू - राजगुरू + भंवरीया 111 - समनीया -
राजगुरू
112 - सिलौर - राजगुरू + पांड्या ( यह वही सिलौर
है, जो भगवान श्रीराम जी के विवाह में वशिष्ठ
जी को राजा दशरथ जी ने जागीरी में दी थी । और
इसी गाँव के पिछे राजगुरू काफि सिलौरा कहने लगे ।
बुजुर्गों के अनुसार यह भी कहावत हैं कि "संसद बङी कै
सिलौर"
इसका यह अर्थ है कि राजा महाराजाओ के शासन मैं
सिलौर से बङी संसद नही था । मैं बलवन्त सिंह राजगुरू
( सिलौरा ) कोलासर । )
113 - सिवाना - राजगुरू
चौहटन
114 - खाखूसर - राजगर
115 - वयानो कि ढाणी - राजगर
116 - चौहटन - राजगुरू
117 - सुरूपों का तला - राजगर
118 - मिया का तला - राजगर
119 - पमै का तला - राजगर पंचपदरा 120 - आराबा -
राजगुरू
121 - डोली - राजगुरू
122 - कनना - राजगुरू
123 - खर्वा - राजगुरू
124 - कल्याणपुरा - राजगुरू
125 - पटाउ - राजगुरू
126 - पंचपदरा - राजगुरू
127 - खेडा सोढा - राजगुरू
128 - थोब महेशा - राजगुरू
129 - ढैरीया - राजगुरू
तहसील शीव
130 - बालासर - राजगर
131 - वीसु खुर्द - राजगर
132 - जूडिया - राजगर
133 - वरीपाडा - राजगर
134 - धराई - राजगर
135 - राजदल - राजगर
136 - कोटडा - राजगर
137 - आकली - राजगर
जिला पाली
रोहित पंचायत समिति
138 पाति - राजगर
139 - वायद - बोहरा
140 - सीराणा - राजगर
141 - भंवरी - राजगर
142 - जवाडीया - बोहरा ( जवाली से आकर बसे )
143 - खेरवा - आमैटीया
144 - मौडल - आमैटीया
145 - बुसी - बोहरा
146 - चाचौङी - आमैटा + पांड्या
147 - दयालपुरा - राजगर
सोजत
148 - बलाडा - राजगर
149 - धनैरीया - राजगर
रायपुर
150 - झुठा - राजगुरू
मारवाड जक्शन
151 - आउवा - राजगुरू
152 - काडु - राजगुरू
153 - गुडा मोकन सिंह - राजगुरू 154 - धानला -
बोहरा ( राजगर )
155 - ईसाली - बोहरा
156 - देवली आउवा - बोहरा
157 - बाता रूगनाथगढ - बोहरा
158 - गदन - बोहरा
159 - मैलावास - राजगुरू
160 - हैमलीयावास खुर्द - आमैठा 161 - दूदाङ - मदपङ
देसूरी
162 - नदनाभतन - राजगर + पंड्या
163 - गीलारी - राजगर
164 - जावली - वोरा + आमैटा
165 - रानी गाँव - आमैटा
बाली सुमैरपुर
166 - दूजाना - मदपङ
167 - पुरखीया - राजगर
168 - पुराडा - राजगर
169 - सुमैरपुर - राजगर
170 - कौरटा - राजगर ( इन्हें चावण्डीया भी कहते है
चामुण्डा माता जी कि पुजा करने के कारण ) 171 -
बरवा - पीडीया ( राजगर )
172 - लुणावा - पीडीया
173 - बोया - राजगर
174 - बीजापुर - राजगर
175 - पीचवा - मदपङ
176 - बाली - राजगर
177 - श्री सेला - राजगर
178 - भीतवाल - राजगर
179 - खुडाला - राजगर
180 - फलाना गाँव - राजगर
181 - सदैराव - बोहरा
182 - ढोला - मदपङ
183 - पावा - राजगर
184 - धाना - राजगर
जिला जोधपुर
शेरगढ
185- बुडकिया - राजगुरू
186 - ऊँटाबर - राजगुरू
187 - खेजा - राजगुरू
188 - सुंथला - राजगुरू
फलोदी
190 - मौर्या मुझर - राजगुरू
191 -बाप - राजगुरू
192 - बावङी खुर्द - भंवरीया
( राजगुरू )
जोधपुर
193 - फिंच - राजगुरू
194 - लूणी जंक्शन - पीडीया
( राजगुरू )
195 - थबुकडा - पीडीया ( राजगुरू ) 196 - ओडा -
पीडीया ( राजगुरू )
197 - लूणावास काला - पीडीया ( राजगुरू ) 198 -
कदवाङ - राजगुरू
औसीयां
199 - बासणी राजगुरू - राजगुरू 200 - थोब - राजगुरू
201 - मथानीया - राजगुरू
202 - नैवरा - राजगुरू
203 - पंडित कि ढाणी - राजगुरू
204 - बारा - राजगुरू
तहसील भोपालगढ
205 - गढेरी - राजगर
206 - मलार - भंवरीया ( राजगुरू ) बीलाङा 207 -
जाटीयावास - राजगर
208 - बाला सती - राजगर
209 - बीलाङा - राजगर
210 - सिलारी - राजगर
211 - मालकौसनी - राजगर
जिला चूरू
212 - कोलासर ~ राजगुरू ( मैं बलवन्तरामेश्वर सिंह
राजगुरू दादोसा स्वर्गीय ठाकुर श्री कुम्भ सिंह
जी कोलासर ) 213 - धीरदैसर - राजगुरू 214 - डुंगरगढ़ -
राजगुरू
215 - जालैवु - राजगुरू
216 - भोजास - राजगुरू
धीरदैसर, डुंगरगढ़, जालैवु, भोजास ये चार गाँव पहले चूरू
जिले में थे, अब वर्तमान में बीकानेर जिले में हैं ।
जिला बीकानेर
217 - कोलायत - राजगर
218 - किशनासर - राजगुरू
219 - जयमलसर - राजगुरू
220 - कानासर - राजगुरू
221 - बीकानेर शहर - राजगुरू ( दूसरे गाँवों से आकर बसे )
222 - शिवनगर - राजगर
223 - गणैश वाङी - राजगुरू
जिला नागौर
224 - लैसल - राजगुरू
225 - चावण्डीया - राजगुरू
226 - बोरावङ - राजगुरू
227 - मीठङी - राजगुरू
228 - भाखररोङ - राजगुरू
229 - शंखवाथ - राजगुरू
230 - रींया - राजगुरू
231 - मादलीया - राजगुरू
232 - रैण - राजगुरू
233 - गौलाङा - राजगुरू
234 - जाटावास - राजगुरू
जिला अजमेर
235 - परड - राजगुरू
जिला जैसलमेर
236 - लाखा - भंवरीया ( राजगुरू ) 237 - फतेहगढ -
राजगुरू
जिला राजसंमद + उदयपुर
238 - सैवन्त्री - राजगुरू
जिला श्री गंगानगर
239 - सुरतगढ - राजगुरू
240 - पीलीबंगा - राजगुरू
241 - भालेलीया - राजगुरू
242 - हरीपुरा - राजगुरू
सीवाङा ( राजगुरू )
जिला जालौर
243 - फतापुरा - सीरवाङा ( 4 घर ) पुरे राजस्थान में
ये चार परिवार ही हैं । लेकिन ये सीरवाङा जाती के
बारे में कोई जवाब नहीं देते हैं । (शिक्षा) कि कमी के
कारण ।
डीसा के राव श्री कान्ती लाल जी, रतन जी, एंव
मादा जी के द्वारा विस्तृत चर्चा पर निर्णय
चोपङो के आधार पर कि ये वास्तव में राजगुरू ही है ।
सीरवाङा गाँव के पीछे इन्होंने अपनी मूल
जाती को छोङ दीया और गाँव
को ही जाती मान लिया इसमें हमारा दोष नहीं हैं ।
यजमान समर्थन हैं । इनको बार बार कहने पर
भी सीरवाङा ही कहते हैं । बलवन्त राजगुरू ( सिलौरा )
कोलासर चूरू मो. 08696201712
Mail - balwant.rajpurohit1@gmail.com

26.5.24

आईए जानते हैं बिछावाडी गांव का इतिहास

राजपुरोहित समाज इंडिया आपके लिए समय-समय पर कुछ रोचक जानकारियां लेकर आता है इसी कड़ी में हम लेकर आए हैं बिछावाडी गांव की संचित जानकारी

जागीरदार समाज विठ्ठला (राजपुरोहित)
विठ्ठलापुर- बिछावाडी (वर्तमान नाम)

गुजरात में जिनको "ठाकर" एवं "जागीरदार" की उपाधि दी गयी है, सवंत १९९४ में राजाराम वासुदेव जी नामक राजा ने जागीर प्राप्त की थी, उनके नाम पर से गाँव का नाम विठ्ठलपुर रखा गया और समय उपरांत नाम बिछावाडी में तब्दिल हुआ।

गौत्रः भरद्वाज, कुलः खेतेस्वर काची, नदी: सरस्वती साखः माध्वनि, गणेशः गजकर्ण, कुलदेवी : माहाकाली (भवानी) वेदः यजुर्वेद

धिक बलं क्षत्रिय बलं, ब्रह्म तेजो बलं बलं। एकेन ब्रह्म दण्डेन, सर्वस्त्राणि हतानि में। विप्र वंश करि यह प्रभुताई। अभय होहुँ जो तुम्हहिं डेराई।

विशेष नोट:-  कोई गलती दिखी, या कोई जानकारी गलत लगे , तो यहां बताएं 

12.2.24

श्री कुब्बड़ माता जी मंदिर कैसे जाएं? (How to reach Kubbad Devi Temple)

 श्री कुब्बड़ माता जी का मंदिर बहुत ही प्राचीन मंदिरों में से एक है इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव से संबंधित पोस्ट हमारे ब्लॉक पर मिल जाएगी आईए इस मंदिर में पहुंचने के रास्तों के बारे में जानते हैं।

1. सड़क मार्ग से कुबड़ देवी मंदिर कैसे जाएं? (How To Reach kubbad Devi Temple By Road)

अगर आप सड़क मार्ग से कुबड़ देवी मंदिर में जाना चाहते हैं तो आपको बता दूं कि यह मंदिर बालेरा जिला बाड़मेर में स्थित है, और बाड़मेर शहर राजस्थान और गुजरात के बड़े शहरों से बहुत अच्छे कनेक्टिविटी रखता है यहां से जैसलमेर, सांचौर, अहमदाबाद, जालोर सिरोही, और जोधपुर जैसे स्थानों से हाईवे आते हैं आप इनकी सहायता से बड़ी ही आसानी से बालेरा धाम में आ सकते हैं।

2. ट्रेन से कुबड़ देवी मंदिर कैसे जाएं? (How To Reach Kubbad Devi Temple By Train )
अगर आप ट्रेन से कुबड़ देवी मंदिर में दर्शन के लिए आना चाहते हैं तो यहां का सबसे निकटवर्ती रेलवे स्टेशन बाड़मेर रेलवे स्टेशन है, यह बालेरा धाम से केवल 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, यहां से आप बालेरा धाम जाने के लिए बस (रड़वा), टेंपो या टैक्सी की सहायता ले सकते हैं।

3. हवाई जहाज से कुबड़ देवी मंदिर कैसे जाएं? (How To Reach Kubbad Devi Temple By Flight )
अगर आप हवाई जहाज से कुबड़ देवी मंदिर में दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो आपको बता दूं कि यहां का सबसे निकटवर्ती एयरपोर्ट उतरलाई हैं जो वायुसेना के अधीन है इसके अलावा जन हित हेतु खुला जोधपुर एयरपोर्ट है जो कि यहां से 200 किलोमीटर की दूरी पर है, यहां से आप बाड़मेर जाने के लिए बस की सहायता ले सकते हैं।

बाड़मेर से बालेरा धाम पहुंचने हेतु तीन रास्ते हैं।
चौहटन चौराहे पर किसी दुकान पर जाकर इन रास्तों की जानकारी ले सकते हैं।

पहला रास्ता
आप चौहटन चौराहा से पिंडियों का तला वाला रास्ता पकड़ लीजिए।

दूसरा रास्ता
चौहटन चौराहे से चौहटन वाली सड़क पकड़ लीजिए, लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर मोहनपुरी जी महाराज का धुना व उसके जस्ट सामने रानीगांव जाने का रास्ता भी हैं। आप मुख्य सड़क पर अभी भी चलिए रड़वा गांव से पहले चार रास्ते आयेंगे, जहां पर दुकान लगी हुई हैं। वहीं से दाईं तरफ बालेरा धाम को रास्ता जायेगा।

तीसरा रास्ता
चौहटन चौराहे से गडरा चौराहा जाना होगा। जहां पर अभी पुलिया निर्माण कार्य चल रहा हैं। इसलिए बंद हैं। यदि गडरा चौराहा पहुंच गए हैं तो वहां से 7 किलोमीटर दूर पेट्रोल पंप से पहले बालेरा धाम जाने का रास्ता हैं। वहां से 12 किलोमीटर दूर माताजी का धाम हैं।
मंदिर के बारे में और अधिक जानकारी
श्री कुब्बड़ माताजी मन्दिर
श्री राजगुरु सेवा संस्थान रजि. नं. संस्था/बाड़/0164/06 कुब्बड़ माताजी मन्दिर पोस्ट-बालेरा, जिला-बाड़मेर (राज.) मो.9929837993

जय मां कुबड़
जानकारी और क्रेडिट बाय फेसबुक पेज श्री कुबड़ धाम पेज एडमिन श्री उगमपाल सिंह राजगुरु बालेरा
दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद

साथ ही आप भी अपने गांव में बने मंदिर स्थान, गांव का इतिहास आदि का फोटो व संक्षिप्त विवरण लिखकर भेजिए
9286464911 व्हाट्सएप नंबर पर.... आपका शौर्य प्रताप (सवाई) सिंह राजपुरोहित 

22.9.23

मैं रेवतड़ा हूं ओर मैं राजपुरोहितो का गढ़ कहलाता हूं

मैं रेवतड़ा हूं वैसे तो मैं राजपुरोहितो का गढ़ कहलाता हूं 36 कौम वालों को साथ लेकर चलता हूं सभी का आदर करता हूं मैं किसी समाज का शोषण नहीं करने देता यानी कि मैं शांतिप्रिय गांव हूं मैं हमेशा न्याय प्रिय रहा हूं और रहूंगा परंतु किसी व्यक्ति के साथ अन्याय या किसी गांव के साथ धोखा होते हुए देख कर मेरा  खून उबलने लगता है  मैं उग्र बन जाता हूं मैं किसी अन्य गांव के साथ अन्याय होते नहीं देख सकता तक्षण मैदान में आ जाता हूं अपना विराट रूप धारण कर शोषण करने वाले गांव के खिलाफ खड़े हो जाता हूं चाहे 24 गांव वाले भी एक साथ क्यों ना आए मैं पीछे कभी नहीं हटता अपराधी गांव या गांव के व्यक्ति को दंड  दिलाकर ही रहता हूं।


 वैसे तो मेरे निकट गांव वीराना सायला आलासन सरत बाकरा नाम के गांव  है फिर भी मुझे सातू गांव के साथ ही जोड़ा  जाता है सातु गांव भी मेरे जैसे  राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान  में बहुसंख्यक राजपुरोहितो का गांव है  शायद इसी वजह दोनों गांव का नाम एक साथ  लिया जाता है फिर भी मेरी एक अलग ही पहचान है, गांव में दो प्रमुख तालाब है जो एक नाड़ी और दूसरा खोखरा नाम से प्रसिद्ध है मुझे धार्मिक नगरी से भी बुलाते हैं ।

 क्योंकि  यहां  बहुत सारे धार्मिक  क्षेत्र है जैसे कि दूधेश्वर महादेव  आपेश्वर महादेव जालंधर नाथ  औघड़नाथ ठाकुर जी  रामदेव जी हनुमानजी गोगाजी मोमोजी वीर सती माता जोगराई   भूतेश्वर नाम के आदि मंदिर है शीघ्र ही अहंकारी पापियों का दमन करने वाले और धर्म की स्थापना करने वाले भगवान श्री परशुराम महादेव  के प्रतिमा बन जाएगी विशेषकर जागरवालों की कुलदेवी मां ज्वाला माता का शक्तिपीठ  बहुत ही सुंदर रमणीय भव्य मंदिर बन रहा है जो अति शीघ्र पूर्ण होने वाला है जो विश्व विख्यात होगा 

मैं मेरी तारीफ नहीं  कर रहा हूं बल्कि जो हकीकत है वही बता  रहा हूं किसी  गांव वालों को यकीन ना आए तो एक बार अवश्य आइए और देख लीजिए अपने आंखों से  गांव के हर कोई व्यक्ति अन्य गांव के किसी भी समाज  के व्यक्ति को मेहमानों को अतिथियों को बड़े आदर प्रेम से सत्कार करते हैं सेवा करते हैं एक बार सेवा का मौका अवश्य दीजिए पधार कर और शक्तिपीठ ज्वाला माता का दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाइए जय ज्वाला माता जय परशुराम महादेव धन्यवाद

 मैं स्वतंत्र सक्षम व समृद्ध गांव हूं मैं जागीरदारों की नगरी हूं इसलिए मैं गर्व महसूस करता हूं मे रेवतड़ा हूं मैं रेवतड़ा हूं।

(अखिल भारतीय जन कल्याण व जीव दया ट्रस्ट)
**==========**
एक विशेष सूचना
अगर आप भी अपने गांव या किसी स्थान की जानकारी हमारे साथ साझा करना चाहते हैं तो हमें व्हाट्सएप करें हमारा व्हाट्सएप नंबर है  9286464911
अब जुड़िए Rajpurohit Samaj - India के व्हाट्सएप चैनल से आज ही फॉलो करें और प्राप्त करें समाज की न्यूज़ सबसे पहले.... 
👇👇👇👇👇
Follow the Rajpurohit Samaj India channel on WhatsApp:

4.1.19

राजपुरोहित समाज के गाँवों की लिस्ट जिला:-बाड़मेर(राजस्थान)

श्री राजपुरोहित रघु सेना राजपुरोहित समाज के गाँवों की लिस्ट जिला:-बाड़मेर(राजस्थान)

       (1)बाड़मेर तहसील
1,बालेरा:-राजगुरु,मनणा
2,रड़वा:-राजगुरु,मकवाणा, सेवड़,भवरियाँ
3.महाबार:-भवरियाँ सेवड़,मूथर,सिधप,
4.लंगेरा:- राजगुरु,केसरिया,सेवड़, श्रीरख,महीयाल,सोढा
5.गेहू:-राजगुरू, श्रीगौड़
6.बान्दरा-कवास:-मकवाणा, सांथुआ, सिधप, सिया, चावँडिया, डावियाल,सेवड़,राजगुरू
7.बोइतिया:-बोइतिया, बगईया,सेवड़
8.भाडखा:-सेवड़,सिधप
9.मीठडा़:-नेतड़

 (2).तहसील शिव (बाड़मेर) 
1•बिशु कल्ला:-श्रीरख,सेवड,बोइतिया
2•बिशु खुर्द:-राजगुरू,नेतड़
3•पुषड़:-मावा
4•धारवी:-नेतड़, राजगुरू
5•आगोरिया:-डावियाल, सोढा
6•निम्बला:-मावा,नेतड़
7 •मौखाब:-सिधप
8•राजड़ाल:-मूथर,नेतड़
9•बालासर :-राजगुरू,सेवड़,श्रीरख
10•कोटड़ा:-,राजगुरू
11•सरुप नगर:-राजगुरू
12•बरियाड़ा-राजगुरू
13•गूँगा:-नेतड़
14.चोचरा :-श्रीरख

(3).तहसील :-गडरा रोड
1जुड़िया:-सिधप
2.गिराब:-श्रीरख,उदेश,जोशी,नेतड़
3 ताणू:-श्रीरख
4 फोगेरा:-सेवड़,श्रीरख,मुथर,सोढा
5 गडस:जोशी
6 रेडाणा:केशरीया
7 गोरडिया:-श्रीरख
8रतरेडी :नेतड़

(4).तहसील सिवाना (बाड़मेर)
1 अर्थण्डी:-फोंदर
2 महिलावास
3लूदराडा
4 सिवाना
5 समदड़ी
6 रानी देशीपुरा:-रायथला, मनणा, पांचलोड़
7 सिलोर:-राजगुरू
8 अजित:-दूदावत
9 इंद्राणा:-पाँचलोड़, केसरिया, सोढा
10 मेली:-सोढा, जागरवाल, पांचलोड, उदेच, सेवड़
11 पादरू:-मकवाणा,मथर
12 मुम्बारी
13 मिठोडा
14मांगला:-हलिया,टीटोपा,डिंगारी
15 सिनेर
16 रमनिया
17 धिरा
18 अरजियाना
19 करमावास
20 महेश नगर
21 जेठन्तरी:-सिया, लाफा, साथुआ,केवनसा
22 फुलण
23 देवडा
24 खण्डप
25 मोतीसरा
26 सेवाली:-पांचलोड, सोढा, भदवाला
27 गुडानाल
28 मुठली लुहारिया
29 कूशीप
30 मवडी
31 धारणा
32 रातडी
33 भलरो का बाड़ा:-मकवाणा,हलेसिया,रावल
34 काखी
34 कूण्डल
35 पंऊ
36 सोमुजा
37 सैला
38 बालू
39 गुगरोट
40.बामसीन
41.देवलियाली
42.सावरडा़
43.राखी:-फोंदर
44.कोटडी़
45.मोकणडी

 *(5).चौहटन तहसील*
1.चौहटन:-सेवड़,नेतड़,,राजगुरू,मूथर
2.ढोक:-नेतड़
3.केलनोर:-नेतड़,श्रीरख
4.बाँकाणा:-थानक
5.सनाऊ:-नेतड़

 *(6).सेड़वा तहसील*
1.इब्रे का तला:-नेतड़,राजगुरू,मूथर
2.रबासर:-नेतड़
3.ईंटादा:-मूथर
4.मिये का तला:-मूथर
5.खानु तला:-मूथर
6.आलमसर-बगाईया,नेतड़
7.बावडी़:-सेवड़

*(8).रामसर तहसील*
1.रामसर:-श्रीरख,केसरिया,रोहड़
2.परों:-नेतड़

 *(9).बायतू तहसील*
1.चवा-(सेवड़,चावँडिया)
2.सन्तरा-(थानक)
3.चैनोणियों की ढाणी-(सेवड़)
4.जाखडा़-केसरिया
5.कानोड़:-भंवरिया, श्रीरख
6.लापून्दडा़:- श्रीगौड़
7.मेगावास
8.साथुनी
9.केलनकोट
10.सिमरखिया:-सोढा
11.नेड़ली:-सिया
12.नोसर-डावियाल

 *(10).सिंणधरी तहसील*
1.डँडाली-श्रीगौड़
2.सोढो की ढाणी:-सोढा, दादाला
3.बिलासर-केसरिया
4.पायला:-सिधप
5. दाखा:-उदेच, सेवड़
6.होडू:-सेवड़
7.सडा़:-नेतड़
8.गादेसरा:-सेवड़
9. धनवा:-टीटोपा
10.मिठा:-सिधप
11.सिणधरी

 *(11).पचपदरा तहसील*
1.कालूडी़:-मनणा,
2.गोल स्टेशन :-थानक/सेवड़
3.रेवाडा़ सोढा:-सोढा, उदेच,राजगुरु, सेवड़
4.आसोतरा :-सोढा,लुहारिया,रायथला,मनणा,डावियाल
5.बालोतरा:-सिया
6.जसोल:-मनणा
7.माजीवाला
8.कीटनोद
9.जागसा
10.असाडा़:-डावियाल
11.सराणा:-रूदवा,उदेच,पांचलोड़,पोकरणा,डावियाल, सिया, सोढा
12.उमरलाई:-मकवाणा,रूदवा,श्रीगौड़
13.मूँगडा़
14.खारवा
15.कनाना:-सोढा,कोसाना, राजगुरु, व्यास, मडवी
16.पारलू
17,तिरसींगड़ी - सोढ़ा,सिधप,सेवड़
18, थोब- राजगुरू
19.सरवड़ी -मनणा
20, डोली - राजगुरू
21, अराबा - दुदावत
22 नागाणा - पुणायचा, पांचलोड
23 .देरीया - सोढ़ा
24.मंडली- सोढ़ा ,सेवड
25 ,कल्याणपुर - मडवी, सेवड
26.चांदेसरा-(श्रीगौड़)
27.सोमेसरा-(श्रीगौड़)
28.खट्टू:-थानक
29.बांकियावास:-जागरवाल
30.सितली:-लूणतरा
31.गडसी:- सोढा, जागरवाल
32.बागलोप-पांचलोड
33.परालिया-केसरिया
34.भिण्डाकुआ(गोलिया)-सिया
35.हलिया-हलिया
36.टिबाणिया:-सिधप
37.पटाऊ


 *(12).गुडा़मालानी तहसील*
1.गुडा़मालानी:-सेवड़
2.रामजी का गोल
3. जाली खेड़ा
4. उनदडी
5.रतनपुरा
6.गोलियां कला
7. भाखरपुरा
8.आलपूरा
 
नोट:- यदि कोई गॉव छूट गया हो तो अवगत करावें।
  😊अभी तक कई गॉवों के राजपुरोहित बंधुओं के गोत्र जानकारी के अभाव में नहीं लिखें हैं, जिन बंधुओं के पास इनकी जानकारी हो तो अवगत करावें।

 _संपादक:- उदयसिंह मकवाणा, बान्दरा (कवास)

11.8.14

राजगुरु राजपुरोहितो की जन्मस्थली अजारी धाम

 राजगुरु राजपुरोहितो की जन्मस्थली आबू पर्वत की तलहटी में बसा गाँव आजारी {राजस्थान} 
आज भी अपनी निराली छटाओ के साथ प्रकृति की गोद में बसा हुआ है | 
यहाँ राजगुरु वंश की कुल देवी " माँ सरस्वती " का भव्य मंदिर है |

कुलदेवी मां भगवती सरस्वती, अजारी धाम {राजस्थान}|

मेरा सभी राजगुरु भाइयो से निवेदन है की जीवन में एक बार सपरिवार माँ के दर्शन करने अवश्य जाये | आपका जीवन धन्य हो जायेगा |

साभार के साथ ...

29.4.14

धीरा गाँव का परिचय


धीरा एक गाँव

 धीरा गाँव राजस्थान के बाङमेर जिले की सिवाना तहसील स्थित है। सिवाना से 10 किलोमीटर दूर पहाङियों के बीच बसा हुआ धीरा गाँव अपने पहाङी श्रेत्रफल और

पर्वताकार धोरों अर्थात टीलों के कारण पूरे बाङमेर में विख्यात है।
धीरा गाँव में भगवान शिव का एक बहुत बङा मठ और भगवान शिव का मंदिर है।
इस मठ का नाम शुक्लेश्वर महादेव है। यहाँ के शिवलिँग की स्थापना पांडवो ने की थी। पहाङों और झाङियों के बीच बना यह मंदिर दर्शनीय स्थल है।
धीरा गाँव के बीच में श्रीराम भक्त हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर है। मंगलवार के दिन मंदिर मे बङी भीङ रहती है। दूर दूर के गाँवो के लोग अपने कष्टों के निवारणार्थ सँकटमोचन के दर्शनों हेतु प्रति मंगलवार को धीरा गाँव में आते हैं।
यहाँ के पुजारी बालाजी भक्तों को गेहुँ के कण से या भक्त का हाथ देखकर उसके सारे कष्टों को बताकर उसका निवारण करते हैं।
धीरा गाँव में होली के दिन गैर और दिपावली के दिन ऊँट घोङों की दौङ करवाते हैं। धीरा में ज्यादातर लोगों का कार्य खेती बाङी है, इसलिए सब लोग खेतों में रहते हैं। यहाँ पालर पानी और खेतों में सदा हरियाली रहती है।
धीरा गाँव से तीन किलोमीटर दूर माँगी गाँव में माता खण्डेरी का मंदिर है। यहाँ पर हर दशहरे को मैला भरता है। माता के मंदिर हजारों भक्तजन माता के दर्शन के लिए बङी दूर दूर से आते हैँ।
धीरा और माँगी गाँव के लोगों का व्यवहार अति मधुर और मैत्रीपुर्ण है।
जय धीरा
 जय हनुमान।

साभार :-Ram Singh Rajpurohit 
धीरा की एकता
January 12, 2013 


19.4.13

पातलीसर पुरोहितान का परिचय एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

1 पातलीसर पुरोहितान का परिचय एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि = सरदारशहर के आंचल में बसा यह पौराणिक गांव बहुत पुराना है। ग्रामीणो के अनुसार यह गांव विक्रम संवत 1720 मेँ राजपुरोहितौ द्वारा बसाया गया। जो आज भी अपने प्राचीन स्वरूप के साथ आधुनिक अधिवासो के साथ बसा हुआ है। गांव मेँ लगभग सौ वर्ष पुराना ठाकुर जी (राधा-कृष्णा) का मन्दिर है। जो आज भी ग्राम वासियो को सभ्य रखता है। और इस गांव मेँ हरीराम जी का मन्दिर भी बहुत पुराना है जिसका भाद्रपद शुक्ल पंञ्चम को हर वर्ष मेले का आयोजन होता है।

2. जलवायु = किसी भी स्थान के विकास में जलवायु का महत्वपूर्ण योगदान होता है। पातलीसर पुरोहितान मेँ जलवायु शुष्क पाई जाती है। गाँव का तापमान गर्मियो मेँ 45 C तक पहुंच जाता है व सर्दियो में कङाके की ठंड पङती है और तापमान हिमांक बिन्दू तक पहूंच जाता है।

3. उच्चावच = यह गांव उच्चावच की दृष्टि से राजस्थान के मरूस्थल मेँ होने के कारण पूर्णरुप से रेगीस्थान व रेतीला है। गांव मेँ ऊंचे2 मिट्टी के टिलो को सामन्य देखा जा सकता है। गांव मे गर्मियो मेँ धुलभरी आंधीया चलने के कारण मिट्टी अपरदन से अनेक स्थालाकृतिया बालुका स्तुप, लोएस प्रदेश आदि बन जाते है । गांव मेँ 2004 को जर्मन योजना के तहत जल का संकट मिट गया और अब धिरे2 गांव मे स्वच्छता का वातावरण बन रहा है।

4. परिस्थिति = आवगमन की दृष्टि से यह गांव पूर्णरुप से सङको से जोङा गया है गांव के मध्य मेँ स्थित चौपाल में माध्यमिक विधालय, डाकघर, शिवालय एवं sopping shops बस स्टेण्ड जिससे सरदारशहर, डूँगरगढ-बीकानेर, रतनगढ आदि शहरो से बसो का आवागमन होता है। इस गांव की प्रशासनिक स्थिति अन्य गांवो से अच्छी है पातलीसर गांव भारत देश के राजस्थान राज्य के चूरू जिले के सरदारशहर तहसील के मध्य मार्ग पर स्थित है।

5. पातलीसर पुरोहितान का मानव जीवन = यहा का मानव जीवन एकदम सामान्य है। रीति-रिवाज सामान्य व उत्सवो मेँ होली दीपावली रक्षाबन्धन आदि त्यौहार बङे धूमधाम से मनाये जाते है जिसमेँ होली को गीँदङ नृत्य तथा चंग बजाना. व मनोरजंन के लिए नाटको का मंचन किया जाता है। गांव मेँ कुछ लोग पढे लिखे है तथा सेवानिवृत भी है जो अपने बच्चो की पढाई के प्रती जागृति दिखाते हैँ। गांव मेँ पुरुष साक्षरता 60% व महिला 40% है जो कुल साक्षरता 50% पाई जाती है और ग्रामीण वासियो द्वारा समय समय पर आवश्यक चिजो की सरकार से मांग की जाती है। जो पंचायत समितियां अपने स्तर पर कार्य करती है ।


जानकारी भेजने वाले  

अधिक जानकारी के लिये सम्पर्क करे। 
राजपुरोहित युवा मोर्चा पातलीसर पुरोहितान । 
श्री रामचन्द्र राजपुरोहित S/O तोलसिंह राजपुरोहित 
Email- ramchandrarajpurohit10@gmail.com 
Mobile No - 09928685820


        आप भी हमें अपने गांव और अन्य सामाजिक 
गतिविधियों की खबर(न्यूज़) भेज सकते है! 
  हमारा पता है -  sawaisinghraj007@gmail.com
प्रस्तुतकर्ता :- 
सवाई सिंह राजपुरोहित आगरा {सदस्य}
सुगना फाऊंडेशन-मेघलासिया जोधपुर
मोबाइल नo 09286464911

मेरे साथ जुडिए फेसबुक पर  

इस लिंक पर क्लिक करें

यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो फालोवर(Join this site)अवश्य बने. साथ ही अपने सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ. यहां तक आने के लिये सधन्यवाद.... आपका सवाई सिंह राजपुरोहित


10.1.13

गाव भिंडाकुआ की स्थापना गांव की जानकारी

 गाव भिंडाकुआ की स्थापना
 गोत्र के राजपुरोहित कनोज से राजस्थान में आए और जोधपुर के पास सियोदा नामक गाव बसाया |वहा पर चारण जाती से विवाद हो गया | वहा पर सिया राजपुरोहितो ने गोदारा(श्राप) डाल कर बारमेर जिले की सिवाना तहसील के कुशिप गाव में आकर डेरा डाला |वहा पर सोढा राजपूतो से झगडा हो गया |कुशिप गाव छोड़कर किटनोद के पास बाहमनी भाकरी के पास अपना गाव बछाया कई सालो बाद तक वहा निवास करते रहे वहा पर किटनोद ठाकुर करनोत जाती के राजपूतो से गायो के लिए विवाद हो गया |तो सिया जाती के पुरोहितो ने वहा के ठाकुर को श्राप देकर वहा से रवाना हो गये | किटनोद के पास वैशाख शुक्ल सातम विक्रम सवत १४८५ में भिंडाजी S/o थारजी सिया राजपुरोहित ने गाव की स्थापना की | वहा पर भिंडाजी ने एक कुआ खोदा जिससे गाव का नाम भिंडाकुआ पड़ा|सवत १४८५ में कुआ के पास में माँ चामुंडा का मंदिर बनाया गया उस समय गाव में मात्र ८-१० घर थे | जबकि सन २०१२ में वंशज बढ़कर १२५-१३० हो गये है उसके पश्यात माँ चामुंडा का भव्य मंदिर की नीव श्री श्री 1008 खेताराम जी महाराज के हाथो लगाई गई | ततपश्यात मंदिर का निर्माण का कार्य श्री 1008 श्री तुलसाराम जी महाराज के देख रेख में संपन हुआ  | माँ चामुंडा की संगमरमर के पत्थर की सिंह पर सवार प्रतिमा बनाई गई बाद में गाव गोलिया में खेताराम जी
महाराज , शिवजी ,लक्ष्मीनारायण , राधाकिशन और हनुमान जी और गोगाजी एवं कुल देवता जुंझार जेहराम सिंह जी का स्थान भी है दाता खेताराम जी की सगाई भी गाव भिंडाकुआ में की गई थी |


                                          लेखक--अशोक सिंह राजपुरोहित सिया गोलिया

यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो फालोवर(Join this site)अवश्य बने. साथ ही अपने सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ. यहां तक आने के लिये सधन्यवाद.... आपका सवाई सिंह राजपुरोहित

Labels

"खेतेश्वर महिमा (3) ARKYSS (60) About Me (2) Acupressure (12) Ajit Rajpurohit (1) Akash Rajpurohit (5) Amar Singh Rajpurohit (9) Anita Rajpurohit (2) Anmol vachan (2) Babu Singh (8) Balwant RajGuru (3) Balwant Singh (4) Biram singh (7) Blood (15) Brahma Temple (37) Communiy (61) Dev Kishan Singh (3) Dr APJ Abdul Kalam (1) Dr M p Singh (103) Dr Shivalika Sharma (9) Facbook page (180) Gajendra Singh (3) Garima Singh (7) Gopal Singh (3) Gotras (4) Govind Singh (14) Hams Institute (40) Harish Singh (1) Hems Institute (8) JNVU (3) Jalam Singh (6) Jankari (95) Janmdin (23) Jay Singh (2) Jorawar Singh (1) Kishor Singh (45) MLA Rajpurohit (30) MLA Shankar Singh (11) Mohan Singh (1) Mukesh Dudawat (1) Narpat Singh (43) News (212) PM Narendra Modi (23) Pahal (67) Poonam Singh (5) Pravasi Sandesh (1) Priti Rajpurohit (2) R K Purohit (11) R p प्रमुख स्थल एव संस्थान (1) RJ Narendra (1) Rajpurohit News (600) Rajpurohit History (26) Rajpurohit News (1159) Rajpurohit Samaj (272) Rajpurohit Yuva Shakti (4) Ramesh Singh (4) S P Singh (70) SAVE GIRL CHILD (9) Sant Atmanand Ji Maharaj (7) Sant Khetaramji Maharaj (94) Sant Shri Aatmanand Ji Maharaj (29) Sant Shri Tulacharam Ji Maharaj (132) Santosh (6) Satender Singh (2) Sawai Singh Rajpurohit (55) Share kare (55) Shishupal Singh (7) Shri NirmalDas Ji Maharaj (44) Shyam singh (4) Suja Kanwar Rajpurohit (1) Surat (8) Suresh Rajpurohit Jugnu (5) Swachh Bharat (4) Vijay Singh (2) Vikram (Viksa) (9) WhatsApp (99) Yogendra Singh (7) YouTube (69) dd Rajasthan (1) durag singh (7) facebook (83) pathmeda (11) sawai singh (131) video (16) virus post (17) website (36) www.bhaskar.com (32) www.skbdtirth.org (3) अब लिखिए अपनी भाषा में (1) अमर शहीद श्री हरि सिंह (1) अरविन्द राजपुरोहित (2) अशोक सिंह (3) एक बड़ा चबूतरा (1) एस.पी.सिंह (20) ओम प्रकाश (4) कमेन्ट बाक्स (1) कविता (22) किशोर सिंह (13) कृष्ण जन्माष्टमी (5) गरीमा राजपुरोहित (5) गांव की जानकारी (10) गायत्री महायज्ञ (5) गुरु पूर्णिमा (9) गो माता (61) गोविन्द (2) गौरक्षा कमांडो फाेर्स (1) चातुर्मास (45) जन्मोत्सव (39) जयंती (4) जयंती विशेष (44) जानकारी (51) जीवन परिचय (23) जीवनरक्षक सोसाइटी (2) जीवराजसिंह (3) ज्ञान (5) डॉ.M.P सिंह राजपुरोहित (10) डॉ.भवरलाल जी (2) तीन दिवसीय नि:शुल्क एक्यूप्रेशर (2) दक्ष प्रताप (2) दहेज (2) दिनेश सिंह (4) देवकिशन राजपुरोहित (1) नरपत सिंह (21) न्यूज़ (166) परमेश्वर सिंह (12) परिचय (4) पूनम राजपुरोहित (1) प्रताप सिहं राजपुरोहित (2) प्रथम मुकुंद पर सवार प्रतिमा (1) प्रवीण सिंह (4) प्रेरणा शिविर (6) फोटो (14) बगसिँह बागरा (33) बलवंत सिहं (1) बाबा रामदेव जी (2) बालू सिंह (3) ब्रम्हाजी मंदिर (16) ब्रह्मपुत्र सेना (31) ब्रह्मास्त्र सेवादल (1) भैरोसिंह राजपुरोहित (3) रघुवीर सिंह (3) राजपुरोहित का परिचय (5) राजपुरोहित समाज (51) राजपुरोहित समाज और जाति (4) राजस्थान मिष्ठान भंडार (1) रामदेवजी (4) रासीसर गाँव (1) विजिटर डायरी (2) विडियो (9) विनम्र श्रधांजलि (85) विशेष (259) शत शत नमन (19) शुभकामनाएँ (96) शेयर/बँटना (307) श्री अमरा राम जी (2) श्री आत्मानन्दजी (13) श्री खेतेश्वर महाराज (134) श्री तुलछारामजी महाराज (199) श्री दत्तशरणनन्द जी (15) श्री ध्यानरामजी (62) श्री ध्यानारामजी (99) श्री निर्मलदासजी (23) श्री बालकदास जी (22) श्री मोहनपुरी जी महाराज (1) श्री शांतिनाथ जी महाराज (2) श्री शान्तिनाथजी महाराज (1) श्रीखेतेश्वर महाराज (29) श्रीखेतेश्वर युवा सेवा संघ (10) श्रीशक्तिनाथनाथजी महाराज (1) संत गुरु ज्ञान गंगा प्रतियोगिता (2) सन्देश (27) सवाई सिंह (107) सुगना फाऊंडेशन (370) सूचना (314) सूरज दीदी (1) हमारे मार्गदर्शक (1) हार्दिक शुभकामनायें (48) हैम्स ओसिया इन्स्टिट्यूट (13)

Search This Blog

आपका लोकप्रिय ब्लॉग अब फेसबुक पर अभी लाइक करे .



Like & Share

Share us

Contact Form

Name

Email *

Message *

ट्विटर पर फ़ॉलो करें!



Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

एक सुचना

एक सुचना