जोधपुर स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान बडली विद्यापीठ के छात्र श्री मनोहर सिंह बिस्सुकला ने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मनोहर सिंह ने न केवल प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए एक मिसाल पेश की है, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, तो कम समय में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
साधारण पृष्ठभूमि, असाधारण लक्ष्य
मनोहर सिंह की यह यात्रा संघर्ष और सादगी की मिसाल है। बडली विद्यापीठ में रहकर उन्होंने मात्र एक वर्ष तक कठिन परिश्रम किया। पढ़ाई के साथ-साथ वे अपने पिताजी के प्रति अपने कर्तव्यों को भी नहीं भूले और उनकी मिठाई की दुकान पर हाथ बंटाते हुए अपनी तैयारी जारी रखी। दुकान के काम और पढ़ाई के बीच तालमेल बिठाते हुए उन्होंने सीधे राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) के पद पर चयनित होकर सबको गौरवान्वित किया है।
विद्यार्थियों के लिए प्रेरणापुंज
उनकी इस सफलता पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। मनोहर सिंह ने उन विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत उदाहरण पेश किया है जो लंबे समय तक तैयारी करने के बावजूद निराश हो जाते हैं। उनकी सफलता संदेश देती है कि:
* सफलता के लिए संसाधनों से ज्यादा संकल्प की आवश्यकता होती है।
* पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी लक्ष्य पाया जा सकता है।
* सही मार्गदर्शन और अनुशासन से कम समय में भी श्रेष्ठ परिणाम संभव हैं।
बधाइयों का तांता
सीधे राजपत्रित अधिकारी बनने पर मनोहर सिंह बिस्सुकला को सोशल मीडिया सहित शिक्षाविदों, मित्रों और शुभचिंतकों द्वारा उज्ज्वल भविष्य की ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएँ दी जा रही हैं। बडली विद्यापीठ परिवार ने भी अपने इस होनहार छात्र की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है।
"कठिन परिश्रम और अटूट विश्वास ही सफलता की असली मिठाई है।"
हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ! टीम सुगना फाउंडेशन व राजपुरोहित समाज इंडिया





