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18.7.25

राजपुरोहित सेवा संगठन का अनुकरणीय मानव सेवा कार्य

राजपुरोहित सेवा संगठन द्वारा सेवा, जीवदया और जनकल्याण के कार्यों की श्रृंखला निरंतर गतिशील है। इसी क्रम में संगठन ने परझाई स्थित वसुंधरा विद्या पीठ इंग्लिश मीडियम स्कूल में अध्ययनरत जरूरतमंद बच्चों के लिए भोजन की जिम्मेदारी उठाकर समाजसेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। साथ में उनके प्रीति भोजन किया और आगे बच्चो की किस तरह से मदद किया जा सके इसके लिए योजना बना कर उस पर अमल कर रहे हैं।
राजपुरोहित समाज के वरिष्ठजन सुरेशसिंह, वीरेंद्रसिंह, सतीशसिंह, श्यामसिंह, अरविंदसिंह, गोपालसिंह, हनवंतसिंह, सुरेशभाई, भवरभाई जैसे समाजसेवियों ने इस पुनीत कार्य में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। संगठन ने स्पष्ट संदेश दिया कि भगवान दाता खेतेश्वर के आशीर्वाद से समाज को वैभवशाली बनाए रखने के लिए प्रत्येक सदस्य को निस्वार्थ सेवा में तत्पर रहना होगा। समाज के युवाओं से आह्वान किया गया कि वे सामाजिक एकता और अखंडता को बनाए रखते हुए बिना किसी विवाद या भेदभाव के मानव सेवा को प्राथमिकता दें।

गौरतलब है कि यह विद्यालय कक्षा 5वीं तक संचालित है, जहां लगभग 100 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 45 से अधिक छात्र-छात्राएं दूरदराज के गाँवों से आते हैं, जिनके लिए रोजाना आना-जाना संभव नहीं था। ऐसे में विद्यालय के संचालक दशरथ माहला ने इन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपने घर के दरवाजे खोल दिए और उन्हे घर में रखकर उन्हे पढ़ा रहे हैं। उन्होंने न सिर्फ अपनी पत्नी को अच्छी खासी प्राइवेट नौकरी छुड़ाकर कर बच्चों की देखभाल में लगाया, बल्कि उनके पिता भी इन बच्चों को अपने बच्चों की तरह संरक्षण दे रहे हैं।

समर्पण की मिसाल बने दशरथ माहला परिवार जिस समर्पण और निस्वार्थ भावना से दशरथ माहला और उनका परिवार इन गरीब बच्चों की देखभाल कर रहा है, वह समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। प्रदेश के जनप्रतिनिधि, नेता एवं अन्य नागरिक अपने तथा अपने बच्चो के जन्मदिन पर कई सरकारी स्कूलो तथा धार्मिक स्थलों पर सेवा, दान पूण्य एवं प्रीति भोज करते हैं। अगर वे लोग इस विद्यालय के बच्चों के लिए आर्थिक मदद और इनके खाने-पीने समृद्ध वर्ग और नेता करें आगे बढ़कर मदद जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य को मिले नई दिशा एवं किताब-कॉपी की व्यवस्था करें तो यह सच्चे अर्थ में सेवा धर्म होगा। यह आवश्यक है कि समाज के सम्पन्न वर्ग और नेता ऐसे विद्यालयों का दौरा कर, जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को सँवारने में हाथ बटाएँ।

जरूरतमंद बच्चों के भविष्य के लिए बढ़े कदम प्रदेश के नेताओं और धनाढ्य व्यक्तियों से अपील की गई कि वे अपने जन्मदिन या अन्य आयोजनों पर सिर्फ दिखावा करने के बजाय इस प्रकार के विद्यालयों में आकर जरूरतमंद बच्चों के लिए भोजन और अन्य संसाधन उपलब्ध कराएँ, ताकि समाज में समानता और सेवा की परंपरा मजबूत हो सके। राजपुरोहित सेवा संगठन का यह प्रयास न केवल सेवा का उदाहरण है, बल्कि यह समाज को यह भी सिखाता है कि यदि नीयत साफ हो और संगठन एकजुट हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं। ऐसे कार्य ही समाज की सच्ची वैभवता को बढ़ाते हैं।

13.10.24

कैलाश राजपुरोहित को अवैध हिरासत में रखकर मारपीट करने के खिलाफ दिया ज्ञापन

कैलाश राजपुरोहित को अवैध हिरासत में रखकर मारपीट करने के खिलाफ दिया ज्ञापन सांसद लुंबाराम के बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का ज्ञापन जिला कलेक्टर सिरोही, व पुलिस अधीक्षक सिरोही को दिया। अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का भरोसा।

ज्ञापन देने के बाद शिवसेना नेता राजपुरोहित ने क्या कहा देखे नीचे दिए वीडियो में पूरी घटनाक्रम का विस्तार से बताते हुए


12.10.24

पूज्य गुरुदेव के अमरकंटक से दिल्ली पधारने पर भक्तों ने किया भव्य स्वागत

पूज्य गुरुदेव श्री तुलसाराम जी महाराज के अमरकंटक से दिल्ली पधारने पर भक्तों ने किया भव्य स्वागत.. 

पूरा टेलीकास्ट देख सकते हैं आप rajpurohit samaj india यूट्यूब चैनल पर

जो इस प्रोग्राम को अभी तक नहीं देख पाए वह ऊपर दिए लिंक पर क्लिक करें और देखें सकते हैं

11.10.23

राजपुरोहित ने जालौर जिला में लहराया नवोदय विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया l

राजपुरोहित समाज का बच्चा जालोर जिला में लहराया नवोदय विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर के राजपुरोहित समाज के बच्चे ने लगाई शिक्षा के प्रति नवोदय विद्यालय केंद्र सरकार द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा 06 कक्षा में तहसील आहोर गांव नीलकंठ निवासी पृथ्वीराज सिंह सुपुत्र जालम सिंह राजपुरोहित नीलकंठ राजपुरोहित का वास नीलकंठ टीम राम पुरोहित समाज इंडिया की ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं और हार्दिक बधाई हम आपके उज्जवल और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं आप इसी प्रकार परिवार और समाज का नाम रोशन करें आगे भी




24.9.23

दो दिवसीय उड़ान मेघा ट्रेड फेयर का हुआ शुभारंभ

मैसूरु. जीतो मैसूरु चैप्टर के तत्वावधान में दो दिवसीय उड़ान मेघा ट्रेड फ़ेयर का शुभारंभ मुख्य अतिथि आर.गुरु के द्वारा किया गया । इस मेले में सूती कपड़े,साड़ियां, इलेक्ट्रिकल्स,आयुर्वेदिक तेल, दवाइयाँ,खाद्य पदार्थ,साज- सजावट की सामग्री सहित तकरीबन 200 दुकानें सजाई गई है । 

कार्यक्रम के प्रायोजक महाशय ग्रुप के राजेश सालेचा रहे । इस अवसर पर जीतो केकेजी जॉन अध्यक्ष अशोक सालेचा, मुख्य सचिव दिलीप जैन,जॉन संयोजक केकेजी यश्विन जैन, जीतो मैसूरु चैप्टर के अध्यक्ष कांतिलाल चौहान, मुख्य सचिव गौतम सालेचा,उपाध्यक्ष संघवी राजेश सालेचा, मैसूरु लेडीज विंग की चेयरपर्सन भावना सालेचा, मुख्य सचिव रजनी डागलिया, संयोजक मोना भटेवरा, समाजसेवी महेन्द्र सिंह राजपुरोहित बन्नूर, केकेजी जोन महिला विंग की चेयरपर्सन यस्मा जैन सहित बड़ी संख्या में सदस्य गण उपस्थित रहे ।

22.9.23

मैं रेवतड़ा हूं ओर मैं राजपुरोहितो का गढ़ कहलाता हूं

मैं रेवतड़ा हूं वैसे तो मैं राजपुरोहितो का गढ़ कहलाता हूं 36 कौम वालों को साथ लेकर चलता हूं सभी का आदर करता हूं मैं किसी समाज का शोषण नहीं करने देता यानी कि मैं शांतिप्रिय गांव हूं मैं हमेशा न्याय प्रिय रहा हूं और रहूंगा परंतु किसी व्यक्ति के साथ अन्याय या किसी गांव के साथ धोखा होते हुए देख कर मेरा  खून उबलने लगता है  मैं उग्र बन जाता हूं मैं किसी अन्य गांव के साथ अन्याय होते नहीं देख सकता तक्षण मैदान में आ जाता हूं अपना विराट रूप धारण कर शोषण करने वाले गांव के खिलाफ खड़े हो जाता हूं चाहे 24 गांव वाले भी एक साथ क्यों ना आए मैं पीछे कभी नहीं हटता अपराधी गांव या गांव के व्यक्ति को दंड  दिलाकर ही रहता हूं।


 वैसे तो मेरे निकट गांव वीराना सायला आलासन सरत बाकरा नाम के गांव  है फिर भी मुझे सातू गांव के साथ ही जोड़ा  जाता है सातु गांव भी मेरे जैसे  राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान  में बहुसंख्यक राजपुरोहितो का गांव है  शायद इसी वजह दोनों गांव का नाम एक साथ  लिया जाता है फिर भी मेरी एक अलग ही पहचान है, गांव में दो प्रमुख तालाब है जो एक नाड़ी और दूसरा खोखरा नाम से प्रसिद्ध है मुझे धार्मिक नगरी से भी बुलाते हैं ।

 क्योंकि  यहां  बहुत सारे धार्मिक  क्षेत्र है जैसे कि दूधेश्वर महादेव  आपेश्वर महादेव जालंधर नाथ  औघड़नाथ ठाकुर जी  रामदेव जी हनुमानजी गोगाजी मोमोजी वीर सती माता जोगराई   भूतेश्वर नाम के आदि मंदिर है शीघ्र ही अहंकारी पापियों का दमन करने वाले और धर्म की स्थापना करने वाले भगवान श्री परशुराम महादेव  के प्रतिमा बन जाएगी विशेषकर जागरवालों की कुलदेवी मां ज्वाला माता का शक्तिपीठ  बहुत ही सुंदर रमणीय भव्य मंदिर बन रहा है जो अति शीघ्र पूर्ण होने वाला है जो विश्व विख्यात होगा 

मैं मेरी तारीफ नहीं  कर रहा हूं बल्कि जो हकीकत है वही बता  रहा हूं किसी  गांव वालों को यकीन ना आए तो एक बार अवश्य आइए और देख लीजिए अपने आंखों से  गांव के हर कोई व्यक्ति अन्य गांव के किसी भी समाज  के व्यक्ति को मेहमानों को अतिथियों को बड़े आदर प्रेम से सत्कार करते हैं सेवा करते हैं एक बार सेवा का मौका अवश्य दीजिए पधार कर और शक्तिपीठ ज्वाला माता का दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाइए जय ज्वाला माता जय परशुराम महादेव धन्यवाद

 मैं स्वतंत्र सक्षम व समृद्ध गांव हूं मैं जागीरदारों की नगरी हूं इसलिए मैं गर्व महसूस करता हूं मे रेवतड़ा हूं मैं रेवतड़ा हूं।

(अखिल भारतीय जन कल्याण व जीव दया ट्रस्ट)
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18.9.23

मेघलासिया गांव मे बहन बेटी स्नेह मिलन समारोह 23 को

जोधपुर निकटवर्ती गांव मेघलासिया में राजपुरोहित सिया परिवार की बहन बेटियां की ओर से वाट्सएप्प ग्रुप की पहल पर सामूहिक बहन- बेटी स्नेह मिलन समारोह 23 सितंबर 2023, दिन शनिवार को आयोजित किया जा रहा है साथ ही श्री गुमान सिंहजी भोमिया जी महाराज का भव्य जागरण शंभू राणा एव नरेन्द्र कुमावत एण्ड पार्टी द्वारा रखा गया है। कार्यक्रम की तैयारी बड़ी जोर-जोर से की जा रही है।  

कार्यक्रम की रूपरेखा कुछ इस प्रकार है
(1) सर्वप्रथम श्री गुमान सिंह जी भोमिया जी महाराज दर्शन,धोक देकर पुष्प वर्षा करने के बाद कलश यात्रा का शुभारंभ समय 3:30 बजे से उसके बाद श्री बायोसा का थान के दर्शन के बाद श्री गोगाजी महाराज जी का थान दर्शन करते हुए। 
(2) श्री ठाकुर जी का मंदिर दर्शन, श्री रामदेव जी दर्शन समय 4:00 बजे, श्री मां चामुंडा मंदिर दर्शन करते हुए श्री माजीसा मंदिर दर्शन के बाद 4:30 तक वापिस श्री गुमान सिंह जी भोमिया जी थान
(3) बहन बेटी स्नेह मिलन समारोह का रंगारंग शुभारंभ घूमर के साथ और ग्रुप फोटोग्राफी
(4) भोजन प्रसादी शाम 7 बजे से शुरू।
(5) शंभू राणा एव नरेन्द्र कुमावत एण्ड पार्टी के द्वारा विशाल भजन संध्या 9:30 से 
(6) सुबह 8:00 बजे सभा उसके पश्चात बहन बेटी सम्मान समारोह के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा

कार्यक्रम का लाइव प्रसारण आप फेसबुक पेज Rajpurohit Samaj India एवं यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं
फैसबुक पेज लिंक को लाईक करे ।

यूट्यूब चैनल का लिंक D लाईव प्रसारण किया जायेगा https://youtube.com/@RajpurohitSamajIndia

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7.9.23

सिरोही शिवगंज विधानसभा से राजपुरोहित समाज में बीजेपी के उम्मीदवार

आने वाले राजस्थान चुनाव में हर जगह से समाज बंधु खड़े हो रहे हैं यह अच्छी बात है लेकिन एक ही विधानसभा सीट से 4 से 5 कैंडिडेट खड़े हो यह ठीक नहीं है यहां पर समाज को एकता का परिचय देना चाहिए तभी पार्टी टिकट दे पाएगी और जीत संभव हो पाएगी बात करते हैं सिरोही शिवगंज विधानसभा से राजपुरोहित समाज में बीजेपी के उम्मीदवार जिसमें प्रमुख नाम इस प्रकार है।
श्रीमान दलपत जी पुरोहित
 श्रीमान अशोक जी टाइगर राजपुरोहित
श्रीमान नारायण जी पुरोहित

निर्दलीय भी पिछले चुनाव की तरह संगठन में शक्ति का परिचय समाज का. 
इन सभी समाज बंधुओ को एक साथ बैठकर किसी एक नाम पर फाइनल मोर लगानी चाहिए ताकि पार्टी उनका टिकट दे पाए और आगे भी चुनाव में जीत संभव हो पाए। और एक बार विशेष रूप से ध्यान रखनी चाहिए पार्टी कोई भी हो हमारा अगर समाज बंधु कहीं खड़ा होता है तो उसका पूर्ण रूप से समर्थन जरुर करें। 

 अशोक सिंह टाइगर राजपुरोहित ने कुल देवी श्री आशापुरी माताजी नाडोल दर्शन किए एवं माताजी से चुनाव लड़ने हेतु आशीर्वाद लिया ।




31.8.23

भारत में पालीवाल ब्राह्मण राखी का त्यौहार नहीं मानते आईए जानते हैं क्यों।।

एक महान गाथा पालीवाल ब्राह्मण इतिहास की...
जहां एक और पूरा देश राखी के त्योहार को मनाएगा वही देश में एक पालीवाल ब्राह्मण जो उसको शोर्य दिवस के रूप में मनाकर धर्म और स्वाभिमान की लड़ाई में वीरों की भाती लड़ते हुए शहीद हुए अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
पालीवाल समाज द्वारा रक्षाबंधन नही मनाकर पाली के पुर्वजो की याद में पालीवाल धाम रुक्मणी मंदिर परिसर पाली-राजस्थान में पालीवाल एकता दिवस मनाया जा रहा है और पुर्वजो को श्रद्धांजलि दी जा रही है पुर्वजो के बलिदान को शत शत नमन

चलते हैं इतिहास के पन्नों की तरह



आइए सुनते है उनकी वीर गाथा को

श्री आदि गौड़ ब्राह्मण जिनको विदर्भ के राजा भिस्मक के कुल गुरु जिन्होंने शस्त्र और शास्त्र से इस कुल को सदैव अग्रणी रखा भीस्मिक की ईशा थी की कृष्ण के साथ उनकी पुत्री रुकमणी का विवाह हो पर पुत्र रुक्मी के चलते विवश थे रुक्मी कृष्ण और रुकमणी के विवाह विरोध था इसके बावजूद हरिदास जी ने ही रुकमणी और भगवान कृष्ण को मिलवाने के लिए प्रेम पोथी पहुचाई और उनकी बुद्धि और कोशल देख भगवान श्रीकृष्ण ने गुजरात में बहुत सारा भू भाग और धन भेट किया उसके बाद महाराज हरिदास जी ने एक जगह बसाई जिसका नाम हरिपुर रखा जो आज भी गुजरात में खंडर के रूप में स्तिथ है।

 उसके बाद उनके वंशज गुजरात से (गौड़वाडा) जो आज के पाली और उसके आस पास के भू भाग आकर पाली नगर बचाया जिससे पाली से उनका स्थानवाचक सरनेम पालीवाल पड़ गया पालीवाल इन्होंने पाली में आने वाले गरीब को एक सोने की ईट और एक रुपए दे कर सबको सम्मान कर देते नगरी में कोई गरीब नही था सब एक सम्मान थे पर सुख के साथ दुख भी आता है जो जिन्होने सालो तक शासन किया जिनकी शस्त्र और शास्त्र की ताकत के आगे किसी ने युद्ध तो दूर बात पाली की तरफ देखा भी नही था।

 1348 में फिरोजशाह तुगलक के शासन काल में विदेशी ताकते हमलावर थी और इसी कड़ी में जब शाह को पाली जैसे धन,धान और व्यापारिक और सम्पन नगर के बारे में जानकारी मिली और सुना तो उसके मन में लालस आ गया उसको पाने की ठान ली इसके लिए उस पर जानकारी के लिए गुप्तचर भेजे पर जब शाह को गुप्तचरो ने बताया की पालीवालो ब्राह्मणों का शासन है वहा के शासक जसोधर पालीवाल है और उसकी शक्ति उनकी एकता और धर्म और कुलदेवी का आशीर्वाद प्राप्त है आज तक पाली पर किसी ने आंख उठा कर नही देखी पर शाह को पाली प्राप्त करना था इसके लिए साम दाम दण्ड भेद कैसे भी करके पाली पाना ही था इसके लिए उसने अपने सेनापति को उनके ही नगर का भेदी जो उनकी कमजोर कड़ी जानता हो उसको धन धान से अपने और लाने को कहा गया इसके साथ शाह भी पाली की सीमा पर आ खड़ा हुआ और पालीवाल ब्राह्मणों को एक पत्र लिखा गया* *जिसमे कहा गया की या तो हमारे अधीन होकर शासन करो नही तो युद्ध करके मरो और इस पत्र को महाराज जसोधर ने पढ़ा और उन्होंने युद्ध को चुना क्युकी तुगलक क्रूर थे वो अधीनता में इज्जत मर्यादा को तार तार कर देगे और पालीवालो को भी स्वाभिमान से समझोता मंजूर नही था उन्होंने धर्म और स्वाभिमान के लिए युद्ध सही समझा 114 दिन तक रुक रुक कर चले इस युद्ध में पालीवाल खूब बहादुरी से लड़े हार नही मानी और तुगलक सेना को भारी नुकसान हुआ शाह के पास उनको हराने का कोई तरीका नहीं दिखा रहा तभी एक पाली नगर का द्वारपाल उनसे लालस चक्कर में अपने ही नगर से गद्दारी कर दी और शाह को अंदरूनी जानकारी दी की पालीवाल ब्राह्मणों को ऐसे कोई नही हरा सकता क्योंकि ये धर्म के प्रति निष्ठावान है कुलदेवी का इन पर आशीर्वाद है अपराजय का इनको हराना है तो एक मात्र सहारा धर्म पर अघात करो ये उसको सहन नही करेगे उसके बताए अनुसार शाह ने उस समय पाली के एक मात्र पिए जल तालाब में गाय काट कर डाल दी जब ये खबर समूचे नगर में फेल गई तो ब्राह्मणों का क्रोध उनके काबू में नही रहा और राखी के दिन जहा बहन अपने भाई के हाथ पर रखी बांधने आई उसी हाथो में तलवार लेकर बड़े बुड्ढे बच्चे सब बिना सोचे समझे युद्ध भूमि में उतर गए जो शाह ने सोचा वो हुआ वो पहले से उनको घेर कर बैठा था पालीवाल सब बाहर आए उसने पीछे और आगे दोनो ओर से घेर कर हमला बोल दिया जिससे लाखो की संख्या में पालीवाल सैनिक और महाराज जसोधर मारे गए इस युद्ध में पालीवाली के साथ शाह की भी बहुत हानि हुई घायल अवस्था मे उसने भी रणभूमि छोड़ दी और दिल्ली की ओर कूच कर दी पर युद्ध विराम तो हो गया पर पीछे जो मंजर छोड़ गया वो बहुत भयंकर था पाली की धरती पूरी लाल हो चुकी थी लाशो के ढेर लग चुके थे जब शहीद वीरों का अंतिम संस्कार हुआ उनकी जनेऊ उतारा गया तो सवा मण और जो उनके पीछे जो नारियां सती हुई उनके चूड़ा 84 मण निकला जिसको धोला चोतरा स्थित कुए में डाल कर बंद कर दिया गया जिससे आने वाले समय में इसकी पवित्रता को भंग ना कर सके और उसके बाद समस्त पालीवाल ब्राह्मणों ने फैसला लिया की जिस राज पाट के लिए किसी ने बहन ने अपना भाई खोया किसी ने अपना बेटा तो किसी ने पति धन राज मिल जाता पर इन्होंने जो खोया वो कभी वापस नहीं मिलेगा उसके बाद समस्त पालीवालो ने पाली का पानी अन्न को त्याग कर अन्य जगहों की ओर चल दिए ज्यादातर जैसलमेर गए जहा जाकर उन्होंने 84 गांव बसाए और कुछ भारत के अलग अलग हिस्सों में चले गए*

पालीवाल ब्राह्मणों के लिए कहा जाता है

पाली से धर्म रक्षार्थ इनका अथार्त " पाली नगर किसका कोट दस कोस के घेरे का था और जिनमें वैभवशाली बाज़ार भी बसा था, में सवा लाख घर ब्राम्हणों के बसे थे। इसे सारा संसार जागता हे | जो भी निर्धन ब्राम्हण यहाँ आ बसा, उसे धनादि देकर अपने सामान संपत्तिशाली बनाया।" 

सुसिध्द इतिहासकार कर्नल जेम्स टांड ने पालीवाल ब्राम्हण के विषय में लिखा है - "राजघराने के राजपूतों से दुसरे नम्बर पर पालीवाल जाती ही ऐसी जाती हे जो संख्या में इनके बराबर और धन सम्पत्ति में इनसे भी आगे बढ़ी हुए है।

"पालीवालों के आचार-व्यवहार के बारे में जेम्स टांड ने लिखा है - "पालीवाल स्मार्ट ब्राम्हण है और मांसादी अभक्ष्य पदार्थों का प्रयोग नहीं करते। ये अपनी कन्या के घर का पानी नहीं पीते " पाली नगर वही हे जहा आज से एक हजार वर्ष पूर्व एक लाख पच्चीस जहार गौड़ ब्राम्हण रहते थे। इनमें प्रथा थी कि नवागत गृहस्थी को एक मोहर एक ईट देके अपने समान व्यवसायी और मकानवाला बना देते थे।"

पूनमकी चांदनी में रुक्मिणी मन्दिर व पूनागर माता मन्दिर का एकाकार स्वरूप।
श्री पालीवाल धाम (पाली राजस्थान)

जय माँ रुक्मणी, श्री पालीवाल धाम

जानकारी और फोटो के लिए बहुत-बहुत आभार और धन्यवाद करते हैं।  
 पंडित श्री मदन मोहन पालीवाल डोरोली 
(प्रदेश अध्यक्ष) राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा 

श्री राजपूरोहित पंचायत भवन संस्थान, पुष्कर के आजीवन सदस्य बने

सभी सम्मानित समाज बंधुओ को जय गुरु महाराज री आज रक्षाबंधन के पावन पर श्री राजपुरोहित पंचायत भवन संस्थान पुष्कर के आजीवन सदस्य एवं अमरमिति भोजन के आजीवन सदस्य बनकर पुण्य लाभ कमाए । 


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16.8.23

एक कविता राजपुरोहितो के लिए समर्पित

राजपुरोहित होकर राजपुरोहित का, 
     आप सभी सम्मान करो! 
सभी राजपुरोहित एक हमारे, 
         मत उसका नुकसान करो! 
चाहे राजपुरोहित कोई भी हो, 
         मत उसका अपमान करो! 
जो ग़रीब हो, अपना राजपुरोहित 
          धन देकर धनवान करो! 
हो गरीब राजपुरोहित की बेटी, 
          मिलकर कन्या दान करो!
अगर लड़े चुनाव राजपुरोहित ,
        शत प्रतिशत मतदान करो!
हो बीमार कोई भी राजपुरोहित , 
         उसे रक्त का दान करो!
बिन घर के कोई मिले राजपुरोहित , 
    उसका खड़ा मकान करो! 
अगर राजपुरोहित दिखे भूखा, 
     भोजन का इंतजाम करो! 
अगर राजपुरोहित की हो फाईल, 
     शीघ्र काम श्रीमान करो! 
  राजपुरोहित की लटकी हो राशि, 
     शीघ्र आप भुगतान करो! 
राजपुरोहित को अगर कोई सताये, 
       उसकी आप पहचान करो! 
अगर जरूरत हो राजपुरोहित को, 
        घर जाकर श्रमदान करो! 
अगर मुसीबत में हो राजपुरोहित , 
       फौरन मदद का काम करो! 
अगर राजपुरोहित दिखे वस्त्र बिन, 
      उसे अंग वस्त्र का दान करो! 
अगर राजपुरोहित दिखे उदास, 
         खुश करने का काम करो! 
अगर राजपुरोहित घर पर आये, 
तो जय रगुनाथजी री ,या 
जय गुरुदेव री बोल सम्मान करो! 
अपने से हो बड़ा राजपुरोहित 
         उसको आप प्रणाम करो!
हो गरीब राजपुरोहित का बेटा, 
   उसकी मदद तमाम करो! 
बेटा हो गरीब राजपुरोहित का पढ़ता, 
    कापी पुस्तक दान करो! 
जय राजपुरोहित समाज

यदि आप राजपुरोहित समाज का विकास करना चाहते है तो यह कविता प्रत्येक राजपुरोहित तक पहुंचनी चाहिये ।

विशेष सूचना :- इस कविता का लेखक कौन है यह तो मुझे जानकारी नहीं लेकिन फेसबुक पर मुझे कविता अच्छी लगी तो मैं आप लोगों के लिए इसे यहां पर शेयर की है इस कविता से जुड़ी हुई थी जानकारी आपके पास है तो हमें व्हाट्सएप 9286464911 करें ताकि हम उसे सही नाम से प्रकाशित कर सके.

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मोदरान स्टेशन मे शिलालेख पर वीर सैनिक श्री जय सिंह राजपुरोहित का नाम

आजादी के 75 वे अमृत महोत्सव के उपलक्ष मे मोदरान ग्राम पंचायत के अंतर्गत मोदरान स्टेशन निवासी सैनिक अधिकारी श्री जय सिंह  सादुलसिंह जी राजपुरोहित ने 1962, 1965 एवं 1971 की देश के लिए लड़ाई लड़कर अपने देश व गांव व समाज का नाम रोशन किया मगर 50 वर्ष तक सैनिको को अंधी बहरी गूंगी सरकार सम्मना नही दिया मगर आज हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आजादी के 75 वे अमृत अमृत महोत्सव के उपलक्ष आशापुरी उच्च माध्यमिक विद्यालय मोदरान स्टेशन मे शिलालेख पर वीर सैनिक को के नाम लगाए और समान दिया प्रधानमंत्री जी का बहुत बहुत आभार


10.8.23

श्री 1008 श्री महंत श्री हीरानंद जी सरस्वती जी महाराज का संक्षिप्त जीवन परिचय

।।श्री गणेशाय नमः।। ।। श्री जोगेश्वर नमः।।
श्री 1008 श्री महंत श्री हीरानंद जी सरस्वती जी महाराज की जीवनी.... 

 राजस्थान में जालौर जिले के गौमडी गांव में राजपुरोहित जागरण गोत्र में पिताजी सोनाराम जी माताजी श्री रूपा देवी जी की कोख से विक्रम संवत 2013 भादवा सुदी तेरस ब्रह्म मुहूर्त में हरिराम का जन्म हुआ।

 बाल्यकाल में ही अपने पिताजी के भक्ति मय जीवन का प्रभाव पड़ा वह मन आध्यात्मिक की तरह दिनों दिन बढ़ता गया प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पिताजी के कृषि कार्य में जब मन होता तो हाथ बताते अन्यथा ध्यान व सत्संग में मगन रहते सत्संग के बल से परिवार को रोग मुक्त किया साथ ही साथ जन हितार्थ भी कईयों के साधना के द्वारा दुखों को दूर किया इनकी चर्चाएं दूर दरार तक फैल गई जिस वजह से स्थान पर भक्त भाविको का दुखी दर्जियों का तांता लगा रहता था 1 दिन श्री 1008 श्री शिवानंद जी महाराज गौमडी गाम पधारे और भक्त भावीको को मिलने के बाद हरिराम के तपस्या स्थान को देखा और कहा संसार में दो रास्ते हैं एक तो सांसारिक जीवन बिताना और दूसरा जीवन सफल बनाना तुम्हें कौन सा रास्ता चुनना है तब हरिराम ने सोचा कि अब लक्ष्य की और पहुंचने का समय समीप आ गया है इसे खोना नहीं चाहिए तब श्री हरिराम ने निवेदन के रूप में प्रार्थना की कि मैं सांसारिक प्रपंच में नहीं पड़ना चाहता तब श्री शिवानंद जी महाराज ने कहा कि चलो हमारे साथ तत्काल उसी क्षण हरिराम ने संकल्प कर मन ही मन श्री शिवानंद जी महाराज को गुरु धारण कर गुरु महाराज की जोली और डंडा उठाकर गुरु महाराज के साथ रवाना हो गए अपने परिजनों व माता श्री ने कहा अगर सन्यास ही लेना है तो जाओ मेरे दूध की लाज रखना और प्राणी मात्र की सेवा करना यह आशीर्वाद दिया पिता श्री से आज्ञा प्राप्त कर चिलचिलाती धूप में घर से रवाना होते समय लोगों ने बताया काबर नाम की चिड़ियों ने इन संतो के ऊपर छतरी बनाकर छाया करके धूप से बचाव किया शिष्य बनने पर कई कसौटी ओं से गुजरना पड़ता है और पूर्ण रूप से परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लगभग 10 वर्ष पश्चात विक्रम संवत 2042 भादवा सुदी 12 को रात्रि जागरण मननना वास जसोल जहां श्री 1008 श्री जोगानंद जी महाराज का धूना है गुरु चेला और कई भक्तों के साथ वहां पधारे इन्हें अपने गुरु भाइयों वह दादा गुरु श्री 1008 श्री पूर्णानंद जी महाराज गांव गादेसरा के सानिध्य में विधिवत दीक्षा ली नामकरण श्री हीरानंद जी सरस्वती जी महाराज से संबोधित कर आशीर्वाद दिया।  4 वर्ष लगातार गुरु के आज्ञा अनुसार साथ रहे यात्राएं की जिनमें कोलायत से अबु तक श्री शिवानंद जी महाराज दंडवत करते हुए। आबू पहुंचे रास्ते में भक्त भावी को व श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह स्वागत होता रहा अबू पहुंचकर परिक्रमा की फिर वास्थान जी पर शेषनाग की गुफा का निर्माण करवाकर मेलों का आयोजन किया शिवानंद जी महाराज हीरा नंद जी को कुटुंब यात्रा करवा कर दादाल चले आए वहां से गुरु आज्ञा द्वारा श्री हीरानंद जी महाराज ने मननावास में श्री 1008 श्री जोगानंद जी महाराज के धुने पर व्यवस्था संभाली तब श्री हीरानंद जी ने या आकर पॉल कोर्ट कमरे पानी का टांका श्री जोगानंद जी महाराज के धुना पर अखंड ज्योत संकट मोचन हनुमान जी का मंदिर अखंड ज्योत. श्री दूधेश्वर महादेव शिवलिंग के पास अखंड ज्योत मनना कुल की कुलदेवी चामुंडा माता के अखंड ज्योत इस प्रकार 4 अखंड ज्योत की शुरुआत की जो वर्तमान में जारी है गुरु आज्ञा से इस आश्रम की सेवा को मानना वास बस्ती को सौंप कर अपना तपस्या स्थान बनवाया सरस्वती नगर याहाआकर श्री नागेश्वर महादेव जी की स्थापना कीआश्रम में वर्तमान में गायत्री माता के अखंड ज्योत नागेश्वर मंदिर में अखंड ज्योत संकट मोचन हनुमान जी मंदिर में अखंड ज्योत श्री दत्त गुरु जी धुना में अखंड ज्योत श्रद्धालुओं भक्तों के रसोड़ा भोजन प्रसाद और गौ माता के चारा पानी नियमित रूप से व्यवस्था संत श्री के सानिध्य में दुखी दर्जियों का दुख निवारण इस युक्ति को चरितार्थ कर रही है तरुवर सरोवर संत जन चौथा बरसे मेघ परमार्थ के कारण चारों धारी देह अपने स्वाध्याय के साथ-साथ प्राणी मात्र जो आश्रम तक पहुंच जाएं संत श्री के आराध्य देव की शीतल छाया में तो उसके दुखों की स्वत निवृत्ति हो जाती है और संत श्री ने गुरु महाराज की कृपा से चंदा टिप्पणी ओली ऊगराना का त्याग कर जगत भगत श्रद्धालु प्रेम से श्रद्धा से भेट पूजा रखी हुई को आदर सम्मान के साथ स्वीकार करते हुए भजन सत्संग सत्कर्म सेवा में लगाने तथा राखड़ी डोरा धागा मादलिया ताबीज से भक्तों श्रद्धालुओं को मुक्त करने का संकल्प लिया माताजी रूपा देवी जी की तपस्या ग्रहस्त जीवन में भी नियमित रही जिसमें अनाज भोजन नहीं लेते थे। ओर  24 घंटों में केवल एक गिलास दूध या पानी लेते थे संत श्री का कहना है कि शिक्षा का बड़ा महत्व है शिक्षा के बिना मनुष्य जीवन व्यर्थ है शिक्षा से ही मनुष्य के उत्थान का श्रीगणेश होता है संत श्री का कहना है कि संस्कारों व संस्कृति से दूर नहीं जाना चाहिए अगर संस्कार और संस्कृति से दूर रहे तो तुम्हारा पतन भी नीचय है अन्यथा इसके पथ पर चलते रहे तो गुरु कृपा से बहुमुखी विकास ही होगा भला ही होगा संत श्री भी अनाज भोजन नहीं करते हैं केवल फलाहार भजन सुमिरन में सदा मस्त है और गुरु महाराज की क्या मैं उपमा कर सकूं जितनी उपमा करो उतनी कम है। सारी धरती का कागज करूं कलम करू वरना राय सात समंदर की सही भरू तो भी गुरु गुण लिखा न जाए। 

परम पूज्य गुरुदेव आज ब्रह्मलीन हो गए हैं 1008 संत शिरोमणि श्री हीरानंद जी महाराज के देवलोक गमन पर मैं बहुत दुख व्यक्त करता हूं और प्रभु श्री के चरणों में नमन करता हूं महाराज श्री ने हमारे समाज का बहुत नाम रोशन किया है और भगवान के चरणों में उनको स्थान मिले ऐसी में, ईश्वर से प्रार्थना करता हूं .... शौर्य प्रताप सिंह राजपुरोहित टीम सुगना फाउंडेशन और राजपुरोहित समाज इंडिया 🙏🙏🚩🚩
इसमें अगर कोई भी गलती हो तो मुझे छोटा बच्चा समझकर मुझे क्षमा कर देना मुझे माफ करना हरि ओम हरि ओम हरि ओम...

जीवन परिचय के लिए आभार श्री जगदीश सिंह जी राजपुरोहित सूरत

9.8.23

भामाशाह डॉ. महेंद्र सिंह राजपुरोहित का सम्मान...


मैसूरु हुणसूरु रोड़ पर एक होटल के सभागार में हास्य कवि सम्मेलन रखा गया । दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । विराट सिंह,वन्या कंवर द्वारा संस्कृत भाषा में स्तुति की प्रस्तुति दी । हास्य कलाकार डॉ.सुनील तरुण, प्रेमा तन्मय तथा प्राची मिश्रा ने मार्मिक देशभक्ति से ओतप्रोत, पारिवारिक तथा समाज सुधार से सम्बन्धित कविताओं की मनभावन प्रस्तुत देकर श्रोताओं की वाहा-वाही लूट कर खूब तालियां बटोरी ।
 कार्यक्रम में परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर संजय कुमार व पर्यावरण जागृती वैदिक के बनूर के अध्यक्ष समाजसेवी व भामाशाह डॉ.महेंद्र सिंह राजपुरोहित (कलाप्पा), संतोष कंवर (चंदू) सहित विभिन्न संघ समाज के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे । कार्यक्रम में भामाशाह डॉ.महेंद्र सिंह राजपुरोहित (कलाप्पा) का परिवार सहित सामाजिक क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की जनहित गतिविधियां संचालित करने के उपलक्ष में सूबेदार मेजर संजय कुमार के हाथों सम्मान किया गया ।
 इस अवसर पर महाराणा प्रताप राजपूत मंडल,मैसूरु के कोषाध्यक्ष गणपत सिंह बालावत, जीतो मैसूरु चैप्टर के चेयरमैन कांतिलाल चौहान,मुख्य सचिव गौतम सालेचा,कोषाध्यक्ष राजेश सालेचा, तेरापंथ सभा के अध्यक्ष प्रकाश दक रॉयल,हेल्पिंग हैंड्स जैन यूथ ऑर्गेनाइजेशन,मैसूरु के अध्यक्ष महावीर खाविया, कोषाध्यक्ष राजन बाघमर, स्थानकवासी जैन संघ,मैसूरु के अध्यक्ष सुभाषचंद्र धोका,सचिन बुधमल बाघमार,अग्रवाल समाज, मैसूरु के अध्यक्ष डॉ.श्रीकृष्ण मित्तल,महिला मंडल अध्यक्ष दीपा जलूका, कर्नाटक कुमावत समाज,मैसूरु के अध्यक्ष बगदाराम मावर सहित बड़ी संख्या में अन्य संघ समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे l

1.7.23

नाथ सम्प्रदाय की सुप्रसिद्ध पीठ सिरेमन्दिर जालौर की गौरवशाली गुरु परम्परा

नाथ सम्प्रदाय की सुप्रसिद्ध पीठ सिरेमन्दिर जालौर की गौरवशाली गुरु परम्परा
गुरू मत्स्येन्द्र नाथजी महाराज के शिष्य 
श्री ज्वालेन्द्रनाथजी महाराज की तपोस्थली
सिरेमन्दिर के पीठाधीश्वर

प्रथम गुरू महाराज 

श्री श्री १००८ श्री सुजाननाथजी महाराज
श्री श्री १००८ श्री भवानीनाथजी महाराज 
श्री श्री १००८ श्री भैरूनाथजी महाराज
श्री श्री १००८ श्री फूलनाथजी महाराज
श्री श्री १००८ श्री पूर्णनाथजी महाराज
श्री श्री १००८ श्री केशरनाथजी महाराज
श्री श्री १००८ श्री भोलेनाथजी महाराज
श्री श्री १००८ श्री शान्तिनाथजी महाराज
श्री श्री १००८ श्री गंगानाथजी महाराज

श्री १००८ श्री सूजान नाथजी महाराज के शिष्य श्री भवानी नाथजी महाराज

श्री १००८ श्री भवानी नाथजी महाराज के दो शिष्य थे ।
1. श्री भैरुनाथजी महाराज
2. श्री अनोपदास जी महाराज

श्री श्री १००८ श्री भैरुनाथजी महाराज के तीन शिष्य थे ।
1. श्री पूर्ण नाथजी महाराज
2. श्री सेवा नाथजी महाराज
3. श्री भंवर नाथजी महाराज

श्री श्री १००८ श्री पूर्णनाथजी महाराज के पांच शिष्य थे
1.श्री केशरनाथजी महाराज 
2. श्री गणेश नाथजी महाराज
3. श्री नवे नाथजी महाराज
4. श्री संतोष नाथजी महाराज
5. श्री देवी नाथजी महाराज

श्री श्री १००८ श्री केशरनाथजी महाराज के तीन शिष्य थे । 
1 . श्री अमर नाथजी महाराज
2 .श्री भोले नाथजी महाराज
3 . श्री शांति नाथजी महाराज

गुरुदेव श्री केशर नाथजी महाराज के पश्चात भोले नाथजी महाराज सिरेमदिर के पीठाधीश हुए ।
श्री अमर गुरु श्री अमर नाथजी महाराज ने गुरु महाराज श्री केशर नाथजी महाराज को बोलकर उनसे पहले ही समाधी ले ली थी ।

श्री अमर नाथजी महाराज के शिष्य :- श्री दरियाव नाथजी महाराज 
श्री दरियाव नाथजी महाराज के शिष्य :-
 श्री वीर नाथजी महाराज 
श्री सुरेश नाथजी महाराज

श्री भोले नाथजी महाराज के समाधि लेने पर श्री शान्तिनाथजी महाराज पीठाधीश हुए ।

श्री श्री १००८ श्री भोले नाथजी महाराज के दो शिष्य थे
1 .श्री शिव नाथजी महाराज 
3 .श्री सागर नाथजी महाराज

श्री श्री १००८ श्री शान्तिनाथजी महाराज के 6 शिष्य हुए

श्री कमलनाथजी महाराज
श्री गंगानाथजी महाराज
श्री किशन नाथजी महाराज
श्री हरिनाथजी महाराज
श्री धर्मनाथजी महाराज
श्री विक्रम नाथजी महाराज

श्री श्री १००८ श्री गंगानाथजी महाराज सिरेमदिर के वृतमान पीठाधीश है ।
श्री श्री १००८ श्री गंगानाथजी महाराज के शिष्य :-
श्री पराग नाथजी महाराज
श्री ईश्वर नाथजी महाराज
श्री आनंद नाथजी महाराज
श्री शेर नाथजी महाराज
श्री बद्री नाथ जी महाराज 
श्री श्री १००८ योगी श्री विक्रम नाथजी महाराज वर्तमान में सोनाणा खेतलाजी सरंगावास नाथजी महाराज मठ के पीठाधीश है ।

श्री श्री १००८ श्री विक्रम नाथजी महाराज के शिष्य:- श्री महेश नाथजी महाराज

श्री श्री कमल नाथजी महाराज के शिष्य
श्री प्रेम नाथजी महाराज
श्री मोवन नाथजी महाराज
श्री वजे नाथजी महाराज
श्री रामेश्वर नाथजी महाराज
श्री गोविन्द नाथजी महाराज
श्री निर्मल नाथजी महाराज

कमलनाथजी महाराज के शिष्य श्री राजायोगी तपोनिधि तपस्वी श्री १००८ श्री निर्मलनाथजी महाराज कदरी मठ मेंग्लौर के राजा बने है ।
श्री श्री १००८ श्री मोवन नाथजी महाराज वर्तमान में थांवला मठ के पीठाधीश है

संकलन-श्री भंवरसिंह भागली

सोनी टीवी पर इंडिया बेस्ट डांसर गूरू पूर्णिमा स्पेशल शो में यशवंत राजपुरोहित

समाज में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है कमी है तो उनको एक मुकाम प्लेटफार्म की और जहां समाज के इन प्रतिभाओं को प्लेटफार्म मिलता है तो वहां अपनी प्रतिभा का जलवा यह दिखा ही देते हैं ऐसे ही प्रतिभागी हैं
नाम: यशवंत पुरोहित
पिताजी का नाम: उगम सिंह सुपुत्र श्री हरिसिंह राजपुरोहित
 गांव : इटन्दरा मेडतियान जिला पाली तहशील .रानी
 सोनी टीवी पर इंडिया बेस्ट डांसर. गूरू पूर्णिमा स्पेशल इस शनिवार रविवार रात ठीक 8 बजे सोनी टीवी पर प्रोग्राम आएगा आप सभी देखना ना भूलें। 


आप सभी इस शो को जरूर देखिए


12.6.23

संत श्री हीरानंद जी महाराज की 48वी बरसी पुष्कर में मनाई जा रही है


संत श्री हीरानंद जी महाराज 5की 48वी पुण्यतिथि (बरसी) पुष्कर में मनाई जा रही है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पर्यावरण प्रेमी महेंद्र सिंह राजपुरोहित विशिष्ट अतिथि श्री कुशाल सिंह राजपुरोहित कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक भंवर सिंह राजपुरोहित और कार्यकारिणी अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित द्वारा की जा रही है आप सभी सादर आमंत्रित हैं।  

29.12.22

मैसूरु मे राष्ट्रीय कवि कुवेम्पु का 119वां जन्मदिन मनाया गया

 मैसूरु. जिला के बन्नुर स्थित रोटरी स्कूल परिसर में राष्ट्र कवि कुवेम्पु की 119 वी. जयंती मनाई गई । मुख्य अतिथि रोटरी स्कूल के पूर्व अध्यक्ष समाजसेवी बनूर महेंद्र सिंह राजपुरोहित व शिक्षको ने कुवेम्पु के चित्र पर पुष्प अर्पण किए ।
महेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने उनके जीवन पर परिचय डालते हुए बताया कुप्पली वेंकटप्पा पुटप्पा (29 दिसंबर 1904 - 11 नवंबर 1994), अपने कलम नाम कुवेम्पु ( सुनो ) से लोकप्रिय , एक भारतीय कवि, नाटककार, उपन्यासकार और आलोचक थे। उन्हें व्यापक रूप से 20वीं शताब्दी का सबसे महान कन्नड़ कवि माना जाता है। वह ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले पहले कन्नड़ लेखक थे । राष्ट्र कवि के द्वारा कन्नड़ साहित्य संस्कृति हेतु दिए गये योगदान की जानकारी दी । 
इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका मेघना,नंजुड स्वामी, शिक्षक सिद्दू, शारीरिक शिक्षक सुरेश, बंगरप्पा सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रही। 

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20.12.22

राजपुरोहित समाज का सर्वाधिक डॉक्टर देने वाला गांव है चड़वास

आज हमारा राजपुरोहित समाज शिक्षा के क्षेत्र में एक उच्च मुकाम पर पहुंच रहा है बात करें समाज में राजपुरोहित बेटों के साथ-साथ बेटियां भी अपने समाज का नाम रोशन कर रही है चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो पुलिस डिपार्टमेंट हो या फिर चिकित्सा सेवाओं या अन्य क्षेत्र में हो, समाज की बेटियां, बेटे और बहू अहम भूमिका निभा रही हैं। 
हाल ही चिकित्सा क्षेत्र के रिजल्ट में बात करें तो समाज की बेटों के साथ बेटियों ने भी बाजी मारी है ।
 कनोडिया पुरोहितान गांव की डॉ अनिता राजपुरोहित,  हीना सुपुत्री श्री हेमन्तजी राजपुरोहित जैतपुरा राजपुरोहित समाज का सर्वाधिक डॉक्टर (एमबीबीएस / एमडी) देने वाला गांव है चड़वास जहा के अभी तक टोटल डॉक्टरों की संख्या 13 जिसमें 6 लड़कियां और 7 लड़के शामिल है गांव का नाम आसपास के इलाकों में बड़े गर्व और सम्मान के साथ लिया जाता है। यूं तो चड़वास की आबादी मात्र 900 है, लेकिन जो लोग भी यहां हैं वे लाखों में एक हैं। गांव के हर नागरिक की आंखों में सुख, शांति व समृद्धि के सपने पलते हैं।

छत्तीसगढ़ में श्री जीवराजसिंह जो इस गांव के निवासी हैं उनसे हमारी खास बातचीत है हमें बताया कि उनकी तीन संताने हैं एक बेटा दो बेटियां जिसमें से बेटा और बेटी दोनों ही राज्य के रेलवे अस्पताल में इस वक्त डॉक्टर के पद पर हैं साथ ही उनकी छोटी बेटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है।

राजस्थान में चुरू जिले की सुजानगढ़ तहसील में एक बड़ा गाँव है चरवा (लकड़वा) या चड़वास।  यह राठोरों के शासन से पहले छपार में राजधानी के साथ मोहिल जाट शासकों के अधीन एक जिला था। चड़वास की स्थापना चहार जाटों ने की थी।

जनगणना -2011 की जानकारी के अनुसार: कुल 1204 परिवारों के रहने के साथ, चड़वास गाँव की जनसंख्या 6945 है (जिनमें 3440 पुरुष हैं जबकि 3505 महिलाएँ हैं)।

26.11.22

रोटरी स्कूल में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का हुआ आयोजन

मैसूरु :बनूर रोटरी क्लब के तत्वावधान में आज बनूर कस्बा स्थित रोटरी स्कूल परिसर में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया l सर्वप्रथम देवी भुनेश्वरी की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पता पौधा को पानी पिला कर स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया गया । कावेरी हार्ट मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल मैसूरु के चिकित्सक डॉ.चंद्रशेखर,डॉ. आनंद तथा नर्सिंग कर्मियों के नेतृत्व में स्वास्थ्य जांच के तहत ह्रदय जांच,मूत्र जांच,कैंसर जांच, नाड़ी रोग,नाक,कान व गला की जांच,रक्तचाप की जांच की गई । 221 लोगों ने विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच करवा कर चिकित्सक से परामर्श लिया । 

मुख्य अतिथि समाजसेवी महेंद्र सिंह राजपुरोहित ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में लोगों को विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो रही है । वायु प्रदूषण,ध्वनि प्रदूषण, रसायनिक छिड़काव कर हरी सब्जियां को हम खाने में उपयोग ले रहे हैं । फल स्वरूप रसायनिक के कुप्रभाव से शरीर कमजोर होकर धीरे-धीरे रोग ग्रसित होता जा रहा है । इन रोगों की जांच कर उचित उपचार करने हेतु शिविर का आयोजन रखा गया है। इस अवसर पर हनुमंते गौड़ा,वासुदेव,नागराज,केंपेगौड़ा, माणिकचंद सीरवी,डॉ.राजीव, रामचंन्द्रू, प्रसन्न,राजेश,मुरली गोपाल,शिक्षक सुरेश,नंजुड स्वामी, मंजू सहित बड़ी संख्या में जांच करवाने हेतु लोग उपस्थित रहे। 

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