दंडी स्वामी श्री देवानंदजी सरस्वती महाराज के 67 वे जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर महाराज श्री के कर कमलों से ज्योतिपुञ्ज ऐतिहासिक ग्रंथ जो पूर्व में श्री आत्मानंदजी सरस्वती महाराज द्वारा प्रकाशित कराई थी उसका शुद्धिकरण संस्करण का विमोचन बुधवार 16 अक्टूबर 2024 को प्रातः 10:00 बजे राणेश्वर मंदिर आश्रम श्री ब्रह्मा विष्णु महेश तीर्थ धाम कालंद्री, जिला सिरोही में होने जा रहा है।
लेखक एवं संकलनकर्ता जुगल किशोर पुनाङिया ने बताया इस ग्रंथ में श्री आत्मानंदजी सरस्वती महाराज, संत श्री खेतारामजी महाराज सहित समाज के सभी संतो का जीवन परिचय, 16 संस्कारों का विस्तृत विवरण, राजपुरोहित शब्द की उत्पत्ति विभिन्न जातियां उनके गोत्र, ऋषि, कुलदेवी प्रवर सूत्र इत्यादि विवरण, राजपुरोहितों के गांव व उनमें स्थित जातिवार घरों की संख्या, राजपुरोहित समाज के छात्रावास एवं भवन इत्यादि तथा समाज में किसी भी गांव में सतीमाता या झुंजार है तो उनका भी विवरण इस ग्रंथ में दर्शाने का प्रयास किया गया है , साथ ही राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश तीनों राज्यों में रहने वाले राजपुरोहितो के गांवों का विवरण है। बुक के बारे में ज्यादा जानकारी आप इस नंबर पर ले सकते हैं 9829841633
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